Budaun News: खिड़की की ग्रिल से लटकता मिला दरोगा का शव, आत्महत्या की आशंका, जांच में जुटा पुलिस
एसएसपी ने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा परिजनों को सूचना दे दी गई है। उन्होंने कहा कि घटना के कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं पर गहन जांच की जा रही है
बदायूं। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में न्यायालय सुरक्षा में तैनात एक उपनिरीक्षक (दरोगा) का शव गुरुवार को उनके किराए के कमरे में खिड़की की ग्रिल से फंदे के सहारे लटका मिला। पुलिस प्रथम दृष्टया इसे आत्महत्या का मामला मान रही है, हालांकि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
न्यायालय सुरक्षा ड्यूटी में थे तैनात
पुलिस सूत्रों के अनुसार मूल रूप से मथुरा जिले के गोविंद नगर थाना क्षेत्र के सकना गांव निवासी मेघ श्याम गौतम (55) वर्तमान में बदायूं में न्यायालय सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे। वह सिविल लाइन थाना क्षेत्र की मधुबन कॉलोनी में किराए के मकान में रहते थे। बताया गया कि गुरुवार सुबह करीब 10:30 बजे तक उनके कमरे का दरवाजा नहीं खुला। मकान मालिक की बेटी ने उन्हें फोन किया, लेकिन कॉल का कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उसने अपने पिता को सूचना दी। मकान मालिक और पड़ोसियों ने कमरे की खिड़की से झांककर देखा तो दरोगा का शव फंदे से लटका हुआ दिखाई दिया। तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस ने दरवाजा तोड़कर कमरे में किया प्रवेश
सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर कमरे में प्रवेश किया और शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि शव घुटनों के बल बैठी हुई अवस्था में फंदे से लटका मिला। घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने बताया कि डायल 112 के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई थी कि न्यायालय सुरक्षा में तैनात उपनिरीक्षक मेघ श्याम गौतम अपने आवास का दरवाजा नहीं खोल रहे हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़ा तो उनका शव कमरे के अंदर मिला।
क्या बोले एसएसपी
एसएसपी ने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा परिजनों को सूचना दे दी गई है। उन्होंने कहा कि घटना के कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं पर गहन जांच की जा रही है और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
