KGMU परिसर की मजारें 'लावारिस' घोषित, नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर चलेगा बुलडोजर 

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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अमृत विचार : राजधानी लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) प्रशासन ने बड़ी कार्यवाही करते हुए परिसर के अंदर बनी मजार को लावारिस घोषित कर दिया है और उसे ध्वस्त करने के आदेश भी दिए है। बता दें कि यूनिवर्सिटी प्रशासन की तरफ से यह कहा गया है कि उसने जिम्मेदार पक्ष को नोटिस जारी किया था। ताकि वे अपना मालिकाना हक जता सके।     

केजीएमयू परिसर में बनी मजारों को लावारिस घोषित कर दी गई हैं। लगातार नोटिस जारी होने के बावजूद किसी भी पक्ष द्वारा मालिकाना हक का वैध दस्तावेज न देने के बाद प्रशासन ने मजार को लावारिस घोषित कर दिया है। अब मजार को ध्वस्त करने के बजाए शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए जिला व पुलिस प्रशासन से अनुमति मांगी गई है। अवैध रूप से परिसर में छह मजारें हैं।

इसमें क्वीनमेरी, रेस्पीरेटरी मेडिसिन, आर्थोपैडिक्स, ट्रॉमा सेंटर, नेत्र रोग विभाग, गांधी वार्ड के निकट समेत अन्य स्थानों पर मजारे हैं। इन मजारों को हटाने के लिए केजीएमयू प्रशासन लंबे समय से कार्रवाई कर रहा है। केजीएमयू प्रशासन ने जिम्मेदार पक्षों को नोटिस जारी कर मालिकाना हक का दावा पेश करने के लिए 15 दिनों का समय दिया था।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार अतिरिक्त समय मिलने के बाद भी किसी संस्था या व्यक्ति ने कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं किया। इसके बाद केजीएमयू प्रशासन ने यूनिवर्सिटी कुलसचिव को रिपोर्ट सौंपकर बुलडोजर कार्रवाई की संस्तुति भेजी है। पुलिस बल और प्रशासनिक उपलब्धता मिलते ही इस अवैध निर्माण को हटा दिया जाएगा।

प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि शुक्रवार को अवैध रूप से निर्मित मजार को लावारिस घोषित कर दिया गया है। मजारों को शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए स्थानों को चिह्नित किया जाएगा। इससे पहले जिला प्रशासन व पुलिस को सूचना भेजी गई है। मजार हटने से परिसर से अतिक्रमण हटेगा। इससे अवागमन की राह आसान होगी।

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