Bareilly: शिक्षक होने के ख्वाब अधूरे, होमगार्ड बनकर करेंगे पूरे, कई बीएड धारक भी कतार में

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Published By Monis Khan
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बरेली, अमृत विचार। बीएड की पढ़ाई के बाद शिक्षक बनने का सपना देखने वाले युवा भी होमगार्ड की लाइन में लगे नजर आ रहे हैं। भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन भी बेहद पढ़े लिखे नौजवान पेपर देने बरेली पहुंचे। कई ने कहा कि होमगार्ड बने तो ड्यूटी करने के साथ पढ़ते रहेंगे और आगे के अवसर तलाशते रहेंगे।

बरेली कॉलेज केन्द्र पर परीक्षा देने आए हरदोई के रहने वाले सुमित वर्मा ने बताया कि उन्होंने बीएड किया है। लेकिन लंबे समय से शिक्षक भर्ती न निकलने या चयन न हो पाने के कारण वे बेरोजगार हैं। ऐसे में परिवार का खर्च चलाने के लिए अब होमगार्ड जैसी सेवाओं में शामिल होना उनकी मजबूरी बन गई है। पीलीभीत निवासी अमित पांडेय भी बीएड हैं। उन्होंने बताया कि सोचा था स्कूल में बच्चों को पढ़ाएंगे, लेकिन अब हालात ऐसे हैं कि कोई भी नौकरी मिल जाए, वही बेहतर है। 

व्यापार करने के लिए धन नहीं है। इसलिए करनी तो नौकरी ही है। पीलीभीत की ममता शाह ने बताया कि वह बीए पास हैं। होमगार्ड कई नौकरियों से अच्छी है। तैयारी भी की है। मेरा पेपर भी अच्छा हुआ है। नौकरी छोटी बड़ी नहीं होती। अब सब तो अफसर नहीं बन सकते।

लखीमपुर के विमल यादव ने बताया कि वह बीए की डिग्री ले चुके हैं। पुलिस की तैयारी कर रहे थे। लेकिन वहां मौका नहीं मिल सका। अब होमगार्ड की नौकरी के लिए परीक्षा दी है। जीवन चलाने के लिए कुछ तो काम करना ही है। अभ्यर्थियों का कहना है कि डिग्री भले ही काम न आई हो, लेकिन उम्मीद अभी भी बाकी है। उनका मानना है कि कोई भी काम छोटा नहीं होता और आत्मनिर्भर बनने के लिए यह कदम जरूरी है।

 

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