सीएम धामी बोले:विपक्ष विरोध नहीं करता तो उत्तराखंड में 35 सीटों पर महिला आरक्षण होता

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Published By Monis Khan
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देहरादून, अमृत विचार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को संसद में 'नारी शक्ति वंदन संविधान संशोधन विधेयक' पारित न होने देने के लिए विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि अगर यह पारित हो जाता तो परिसीमन के बाद राज्य विधानसभा में 35 सीट महिलाओं के लिए आरक्षित हो जातीं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कुछ लोग उत्तराखंड में भी महिला आरक्षण पर वही झूठ और भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि परिसीमन के बाद उत्तराखंड विधानसभा में कुल सीटों की संख्या 105 हो सकती थी, जिसमें से 35 महिलाओं के लिए आरक्षित हो सकती थी। इसी तरह सांसदों कि संख्या भी 5 से बढ़कर 7 या 8 हो जाती, इससे हर किसी का फायदा ही था, फिर भी विपक्ष ने बिल पास नहीं होने दिया। कहा कि यदि सामान्य घरों से महिलाएं राजनीति में आ जाएंगी तो कुछ दलों की वंशवादी राजनीति की दुकानें बंद हो जाएंगी। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी के पहले मंत्रिमंडल और राजीव गांधी की कैबिनेट में केवल एक-एक महिला मंत्री थीं। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मौजूदा मंत्रिमंडल में 7 महिला मंत्री हैं।

परिसीमन के बहाने की शाह ने निकाली हवा
मुख्यमंत्री ने कहा कि, कांग्रेस महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर लोगों को अब भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। इनके परिसीमन वाले बहाने की तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में ही हवा निकाल दी। गृहमंत्री ने लोकसभा में ये स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में परिसीमन के माध्यम से किसी भी राज्य की सीटों के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा इसीलिए सीटें बढ़ाने का प्राविधान बिल में रखा गया। सच्चाई तो ये है कि कांग्रेस ने दशकों तक सत्ता में रहने के बावजूद महिलाओं को उनका वास्तविक अधिकार देने के बारे में कभी कोई ठोस कदम नहीं उठाया। पर जब पहली बार किसी ने सच्चे मन से महिलाओं के हित में कार्य करने का प्रयास किया तो उसे भी नहीं करने दिया।

एक दिन जरूर पूरा होगा संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए राज्य में सर्वप्रथम समान नागरिक संहिता को लागू करने का ऐतिहासिक कार्य किया है। यूसीसी से उत्तराखंड की मुस्लिम बहन-बेटियों को हलाला, इद्दत, बहुविवाह, बाल विवाह और तीन तलाक जैसी कुरीतियों से मुक्ति मिली है। अब यूसीसी की मांग पूरे देश में उठ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने धारा 370 हटाने, अयोध्या में भगवान श्री राम मंदिर निर्माण और दुश्मन को उसके घर में घुसकर मारने का काम किया है। उसी प्रकार मोदी सरकार देश की आधी आबादी को उनका पूरा अधिकार दिलाने का ऐतिहासिक कार्य भी अवश्य करेगी। मुख्यमंत्री ने विपक्ष से अपील की कि, मातृशक्ति के सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर दलगत हितों से ऊपर उठकर सकारात्मक और स्पष्ट रुख अपनाया जाए, ताकि देश की आधी आबादी को उनका उचित अधिकार मिल सके।

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