शुद्धता का दावा करने वाले मिल्क ब्रांड्स में मिली खामियां... डेयरी इकाइयों पर 14 टीमों का छापा, 388 टन खाद्य सामग्री सीज
लखनऊ, अमृत विचार : प्रदेश में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के विशेष अभियान के तहत डेयरी उत्पादों पर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। प्रदेश स्तर पर गठित 14 विशेष टीमों ने राजधानी लखनऊ, बाराबंकी, कानपुर नगर और कानपुर देहात में छापेमारी कर कई प्रमुख ब्रांड्स की इकाइयों में अनियमितताएं पकड़ीं।
अभियान के दौरान 56 नमूने लिए गए और करीब 388 टन खाद्य सामग्री सीज की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 15.8 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
निरीक्षण के दौरान लखनऊ व कानपुर स्थित अमूल कंपनी में स्किम्ड मिल्क पाउडर की लेबलिंग में खामियां पाई गईं। साथ ही बिना विटामिन मिलाए हेल्थ क्लेम करने पर सुधार नोटिस जारी किया गया। इसी प्रकार ज्ञान ब्रांड के सीपी मिल्क एंड फूड प्रोडक्ट्स, लखनऊ में घी और मिल्क पाउडर में लेबलिंग कमियां मिलीं। इंडस्ट्रियल प्रिज़र्वेटिव्स के उपयोग की आशंका पर 108 टन सामग्री (करीब 58 लाख रुपये) सीज की गई।
स्वदेश मिल्क प्रोडक्ट, लखनऊ के शुद्ध ब्रांड में बिना फूड ग्रेड एडिटिव्स के इस्तेमाल और बटरमिल्क में संदूषित मसालों के प्रयोग की आशंका पर उत्पाद सीज किए गए और सुधार नोटिस जारी हुआ। इसके अलावा नमस्ते इंडिया यूनिट में स्वच्छता मानकों में कमी मिली सबसे बड़ी कार्रवाई कानपुर देहात की भोले बाबा डेयरी में भारी गड़बड़ी पकड़ी गई, जहां एक्सपायरी डेट बदलकर उत्पाद बेचने का मामला सामने आया। यहां से 227 टन स्किम्ड मिल्क पाउडर (15.2 करोड़ रूपए) सीज किया गया। इसके अलावा मौके पर मिली एक्सपायरी सामग्री नष्ट कराई गई। इस प्रकार कुल नौ इकाइयों पर कार्रवाई हुई, चार बंद मिलीं।
