UP Cabinet Expansion: आज होगा योगी मंत्रिमंडल का दूसरा विस्तार, सपा के बागियों समेत इन नेताओं को मिल सकती है मंत्री की कुर्सी 

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
On

लखनऊ, अमृत विचार : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भाजपा अपने मोहरे फिट करने लगी है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्री मंडल में विस्तार होने जा रहा है। यह सरकार का आखिरी और इस कार्यकाल का दूसरा विस्तार होगा। रविवार-आज दोपहर तीन बजे मंत्रीमंडल विस्तार की तैयारी है। कुछ नए चेहरों को मंत्रीमंडल में जगह मिलेगी तो कु प्रमोट करके कैबिनेट में शामिल होंगे। लिस्ट फाइनल है।

योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली यूपी सरकार में अभी 54 मंत्री हैं। मुख्यमंत्री, दो उप-मुख्यमंत्री, 21 कैबिनेट मंत्री, 14 राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और 18 राज्यमंत्री शामिल हैं। यूपी का मंत्रीमंडल अधिकतम 60 सदस्यों का है। इसलिए मंत्रीमंडल में 6 मंत्रियों की गुंजाइश बाकी है। शनिवार को बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह से लौटकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मिले थे।

किन नेताओं को मिलेगी मंत्रीमंडल में जगह 

योगी आदित्यनाथ की सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे भूपेंद्र चौधरी का नाम सबसे ऊपर है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद भूपेंद्र चौधरी ने मंत्री पद छोड़ दिया था। केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी के नए प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद भूपेंद्र चौधरी दोबारा मंत्रीमंडल में शामिल हो सकते हैं। मंत्रीमंडल की फेहरिस्त में सपा के बागी विधायकों के नाम भी चर्चा में हैं। रायबरेली की ऊंचाहार सीट से सपा के बागी विधायक मनोज पांडेय भी इस कड़ी में शामिल हैं।  इसके अलावा वाराणसी से एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा और फतेहपुर की खागा सीट से विधायक कृष्ण्णा पासवान का नाम भी शामिल हैं। अलीगढ़ के खैर से विधायक सुरेन्द्र दिलेर भी चर्चा में हैं। कुछ राज्यमंत्री और स्वतंत्र प्रभार की जिम्मेदारी संभाल रहे मंत्रियों को प्रमोट करके कैबिनेट मंत्री बनाया जाएगा। इस लिस्ट में जेपीएस राठौर, शिक्षा मंत्री गुलाब देवी, असीम अरुण और दिनेश प्रताप सिंह का नाम चर्चा में है। सपा की एक और बागी विधायक पूजा पाल भी मंत्री मंडल की लाइन में बताई जा रही हैं। 

विस्तार में चमकेगा सियासी समीकरण 

यूपी में अगले साल 2027 में विधानसभा चुनाव हैं। बंगाल, असम जैसे राज्यों में जीत से भाजपा कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ा है और पार्टी के पक्ष में माहौल भी है। लेकिन यूपी भाजपा के केंद्र में है और यहां लगातार तीसरी बार सत्ता पर काबिज होने की कोशिशें जारी हैं। विशेषकर तब, जब 2025 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को राज्य में अप्रत्याशित नुकसान का सामना करना पड़ा था। इसलिए इस मंत्रीमंडल विस्तार में जातीय समीकरण के साथ क्षेत्रीय संतुलन पर विशेष जोर रह सकता है। विपक्षी दल, सपा के पीडीए की काट की झलक भी दिखाई दे सकती है।

 

संबंधित समाचार