Bareilly:मुड़िया अहमदनगर में शव यात्रा के रास्ते पर विवाद, घटों तनातनी
बरेली, अमृत विचार। थाना इज्जतनगर क्षेत्र के मुड़िया अहमदनगर में शव यात्रा को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। विवाद रास्ते को लेकर हुआ, जहां से अर्थी निकाली जा रही थी। जमीन स्वामी ने नई परंपरा बताकर विरोध किया तो तनातनी और हंगामे के हालात बन गए।सूचना पर पहुंची पुलिस ने काफी समझा-बुझाकर मामला तूल पकड़ने से रोका। बाद में अंतिम संस्कार भी हो गया मगर भविष्य में ऐसा गतिरोध फिर सामने आ सकता है। मामले में ग्राम प्रधान की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया गया है कि गलत तरीके से निजी भूमि और रास्ते के जबरन इस्तेमाल कराया जा रहा है।
पंचायत चुनाव को लेकर मुडिया अहमद नगर में पार्टीबंदी के हालात हैं। यह गांव बेहद संवेदनशील माना जाता है और कई बार आपसी टकराव की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। अतीत में हुए विवादों का साया रविवार को भी मौके पर नजर आया। शव यात्रा निकाले जाने को लेकर तनातनी की स्थिति बन गई। खुद को निजी जमीन का मालिक बता रहे पक्ष ने आरोप लगाया कि नई परंपरा डालकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। विवाद का पता होते ही लेखपाल, कानूनगो व पुलिस के साथ एसडीएम मौके पर पहुंच गए और विवाद बढ़ने से रोका। पुलिस ने समझाकर गेट का ताला खुलवाया।
जिसके बाद शव श्मशान भूमि ले जाया गया। अफसरों ने गांववालों से कहा है कि आपस में बैठकर रास्ते के विवाद का हल निकालें, ताकि आगे ऐसी स्थिति न बने। लेखपाल योगेंद्र ने कहा कि जल्द ही समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाएगा। फिलहाल सभी की सहमति से शव यात्रा निकलवाई गई है। पिछले 40 वर्षों से खाली पड़े प्लॉट से शव यात्रा निकाली जाती रही है। सहमति से ही समस्या का हल निकलेगा। प्लाट स्वामी पक्ष की रीमा ने आरोप लगाया कि श्मशान के लिए मखनी स्कूल की तरफ से रास्ता मौजूद है, लेकिन उसे बंद कर दिया गया। अब वहां प्लॉट काटे जा रहे हैं, जिससे विवाद पैदा हो रहा है। शिकायत उच्च अधिकारियों से की जाएगी। पुलिस ने जबरन उनके प्लाट से शव यात्रा को निकालवाया है। ममता ने कहा कि संबंधित जमीन निजी है और वहां कोई सार्वजनिक रास्ता नहीं है।
इंस्पेक्टर इज्जतनगर सुरेश चंद्र गौतम ने बताया कि गांव में शव का अंतिम संस्कार कराया गया है। श्मशान जाने का कोई दूसरा रास्ता नहीं है। गांववालों से आपस में बैठकर इसका हल निकालने के लिए कहा गया है।
