उदयनिधि स्टालिन पर बाबा रामदेव का पलटवार, कहा- सनातन को गाली देने वालों का जल्द होगा तर्पण
वाराणसी। योग गुरु बाबा रामदेव ने मंगलवार को वाराणसी में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के दौरान सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति को लेकर कहा कि जिन्होंने सनातन को गालियां दीं, उनकी अंत्येष्टि तो हो ही गई है, श्राद्ध और तर्पण भी अब जल्दी हो जाएगा।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय में आयोजित आध्यात्मिक संगोष्ठी में बाबा रामदेव ने कहा कि भगवान शिव सनातन शक्ति के केंद्र बिंदु हैं। उन्होंने कहा कि शिव आदि देव, महादेव, आदि योगी और महायोगी हैं तथा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व केवल शिव का गौरव पर्व नहीं बल्कि शिवत्व, रामत्व, कृष्णत्व और सनातन संस्कृति की आत्मा का उत्सव है।
तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म को लेकर दिए गए बयान के संदर्भ में पूछे गए सवाल पर बाबा रामदेव ने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों ने सनातन को अपमानित करने का प्रयास किया, लेकिन जनता ने उन्हें जवाब दे दिया। उन्होंने कहा कि यदि कोई अपना अस्तित्व और वजूद बचाना चाहता है तो सनातन को गाली देना बंद कर दे।
उन्होंने कहा कि युगों-युगों से सनातन संस्कृति निरंतर प्रवाहमान है और इसमें अद्भुत शक्ति निहित है। बाबा रामदेव ने दावा किया कि आने वाले समय में पूरी दुनिया सनातन की राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और आध्यात्मिक शक्ति को देखेगी। बाबा रामदेव ने कहा कि भारत का प्रत्येक व्यक्ति शिवत्व को जीता है और जब यह चेतना और मजबूत होगी तो भारत विश्वगुरु की भूमिका में स्थापित होगा।
उन्होंने महामना मदन मोहन मालवीय की धरती को नमन करते हुए कहा कि वह काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए भी जाएंगे। उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार की कार्यशैली की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश को ऐसा मुख्यमंत्री मिला है जो सनातन को जीवन में उतारकर चलते हैं, जबकि देश को ऐसा प्रधानमंत्री मिला है जो शासन व्यवस्था को धर्म और सनातन के अनुरूप आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।
