Bareilly:आईपीएल मैचों में सट्टा...शराब कारोबारी गिरफ्तार, खाते से सात करोड़ के लेन-देन का खुलासा
बरेली, अमृत विचार। फरीदपुर पुलिस ने आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टा लगाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर पुलिस ने शराब कारोबारी ओमेंद्र यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी केवल सट्टेबाजी ही नहीं, बल्कि हवाला कारोबार से भी जुड़ा हुआ था। उसके बैंक खातों में पिछले चार से पांच वर्षों के दौरान करीब सात करोड़ रुपये के लेन-देन का खुलासा हुआ है।
एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने प्रेसवार्ता में बताया कि यह सट्टेबाजी नेटवर्क करीब 150 लोगों को जोड़कर संचालित किया जा रहा था। गिरोह के तार उत्तर प्रदेश के अलावा मथुरा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और नेपाल तक फैले हुए हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी के मोबाइल फोन की जांच में हवाला के जरिए पैसों के लेन-देन के अहम सुराग मिले हैं। तलाशी के दौरान उसके पास से 10 हजार रुपये नकद, छह डेबिट कार्ड, एक नेपाली सिम कार्ड, पांच बैंक पासबुक और तीन चेकबुक बरामद की गईं। इसके अलावा दो फर्जी आधार कार्ड और दो पैन कार्ड भी जब्त किए गए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के खातों में एक ही दिन में सौ से अधिक ट्रांजेक्शन किए जा रहे थे।
पुलिस ने आरोपी के दो बैंक खातों की पहचान की है, जिनमें से एक खाता फर्म के नाम पर संचालित था। इन खातों में भारी रकम के लेन-देन को देखते हुए पुलिस ने पांच लाख रुपये फ्रीज करा दिए हैं। पूछताछ में ओमेंद्र यादव ने अपने दो साथियों दिनेश और चीनी के नाम बताए हैं। पुलिस दोनों को तलाश कर रही है। आरोपी शराब का बड़ा कारोबारी भी है और उसके नाम पर करीब दस से बारह कंपोजिट शराब की दुकानें हैं। ओमेंद्र यादव के खिलाफ पहले से भी दो मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि सट्टेबाजी और हवाला कारोबार के जरिए कितनी बड़ी रकम का अवैध लेन-देन किया गया।
नौकरी छूटने के बाद शुरू किया सट्टे का कारोबार
पुलिस के अनुसार आरोपी ओमेंद्र यादव बीएससी पास है। उसने कोविड काल में नौकरी छूटने के बाद ऑनलाइन सट्टेबाजी शुरू की थी। यह धंधा धीरे-धीरे बड़ा होता चला गया। वह सट्टेबाजी के लिए नेपाल के सिम कार्ड का इस्तेमाल करता था। आरोपी बदायूं के एक विधायक के बेटे का करीबी बताया जा रहा है। जांच में आरोपी की शराब की दुकानों, तीन पेट्रोल पंपों और बीस दुकानों के एक बाजार में हिस्सेदारी सामने आई है। पुलिस इन कारोबारों में निवेश के स्रोत की जांच कर रही है कि कहीं सट्टेबाजी का पैसा तो नहीं लगाया गया।
