मधुबनी डीएम की बड़ी कार्रवाई : 118 पंचायत सचिव एक साथ सस्पेंड, प्रशासन में हड़कंप
मधुबनी। बिहार के मधुबनी जिले में जनहित, विकास कार्यों एवं जनगणना-2027 की तैयारियों में शिथिलता को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने सरकारी कार्यों में लगातार लापरवाही, अनुशासनहीनता एवं बिना अनुमति लंबे समय तक अनुपस्थित रहने वाले जिले के कुल 118 पंचायत सचिवों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
शर्मा ने यह कार्रवाई बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के प्रावधानों के अंतर्गत की है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि पंचायत सचिव ग्रामीण प्रशासन की रीढ़ हैं। सरकार की अधिकांश जनकल्याणकारी योजनाएं पंचायत स्तर पर इन्हीं के माध्यम से संचालित होती हैं।
जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत करना, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का क्रियान्वयन, मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना, पंचायत स्तरीय विकास कार्यों की निगरानी, राजस्व एवं लोक सेवाओं से संबंधित कार्यों के साथ-साथ बिहार की जनगणना-2027 जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण दायित्व पंचायत सचिवों के जिम्मे होते हैं।
ऐसे में कार्यस्थल से अनधिकृत अनुपस्थिति केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि आम जनता के अधिकारों एवं विकास कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला गंभीर कृत्य है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने पूर्व में भी संबंधित पंचायत सचिवों को कई बार कार्यालय आदेश एवं पत्राचार के माध्यम से निर्देशित किया गया था कि वे सात दिनों के भीतर कर्तव्य स्थल पर उपस्थित होकर लंबित कार्यों का निष्पादन सुनिश्चित करें।
बावजूद इसके अनेक पंचायत सचिवों द्वारा सरकारी आदेशों की लगातार अवहेलना की गई तथा वे अपने कार्यस्थल पर उपस्थित नहीं हुए। इसके उपरांत निदेशक, पंचायती राज विभाग, बिहार, पटना के निर्देशों एवं उपलब्ध प्रतिवेदनों के आलोक में यह कार्रवाई की गई है।
