Bareilly: चौड़ीकरण की भेंट चढ़ रहे ''त्रिशूल'' डिजाइन वाले पोल, सीएम ग्रिड योजना के तहत खोदाई
बरेली, अमृत विचार। नाथ कॉरिडोर के तहत लाखों की लागत से लगाए गए त्रिशूल व डमरू डिजाइन वाले पोल सड़क चौड़ीकरण की भेंट चढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (सीएम ग्रिड) योजना के तहत चौड़ीकरण का काम शुरू होते ही नगर निगम ने इन त्रिशूल डिजाइन वाले पोलों के साथ कीमती टाइल्स को उखाड़ना शुरू कर दिया है। कुदेशिया पुल से जीआरएम मार्ग पर चल रही इस तोड़फोड़ ने न केवल परियोजना पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि स्थानीय जनता व व्यापारियों में भी आक्रोश पैदा कर दिया है।
नाथ कॉरिडोर शहर की सबसे चर्चित परियोजनाओं में शामिल रहा है। करीब 232 करोड़ रुपये की इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य शहर के सात प्राचीन शिव मंदिरों को आपस में जोड़कर पर्यटन और आस्था का नया गलियारा तैयार करना था। इसके तहत सड़कों को भव्य धार्मिक थीम पर सजाया गया, जिसमें भगवान शिव के प्रतीक त्रिशूल और डमरू वाली एलईडी लाइटें मुख्य आकर्षण थीं।
अब आलम यह है कि पोल और महंगी टाइल्स लगाने के दौरान जिस सौंदर्यीकरण को अफसरों ने शहर की नई सांस्कृतिक पहचान बताया गया था, उसे कुछ ही महीनों के भीतर विकास के दूसरे चरण के नाम पर मलबे में तब्दील किया जा रहा है। कार्यदायी संस्था की इस लापरवाही से सरकारी खजाने का जो नुकसान हो रहा है, वह साफ दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों में इसको लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि सड़क चौड़ीकरण की योजना पहले से ही पाइपलाइन में थी तो सौंदर्यीकरण करने की आवश्यकता ही क्या थी।
मुख्य अभियंता नगर निगम मनीष अवस्थी ने बताया कि शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए सीएम ग्रिड योजना के तहत सड़कों का चौड़ीकरण अनिवार्य है। बेहतर कनेक्टिविटी और आवागमन को सुगम बनाने के लिए कई स्थानों पर पुराने ढांचों और बिजली पोल को हटाया जा रहा है। मुख्य लक्ष्य सड़क की चौड़ाई बढ़ाना है, ताकि जनता को जाम से स्थायी राहत मिल सके।
