लखनऊ-हरदोई हाईवे पर लगी अवैध आम मंडी, बढ़ा जाम और हादसों का खतरा, प्रशासन ने दी लाइसेंस निलंबन और जुर्माने की चेतावनी
- मलिहाबाद में 85.70 करोड़ रुपये से बनी मंडी में इस बार भी नहीं हो आम का कारोबार - हाईवे के दोनों तरफ कब्जा करके व्यापारी बनाने लगे दुकान, लगेगा जाम
लखनऊ/मलिहाबाद, अमृत विचार : मलिहाबाद में 85.70 करोड़ रुपये की लागत से बनी वातानुकूलित मंडी में इस बार भी आम का कारोबार नहीं होगा। हर साल की तरह कारोबारियों ने लखनऊ-हरदोई राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवैध आम की मंडी सजाना शुरू कर दिया है। हाईवे के दोनों तरफ कब्जा करके तिरपाल, पन्नी व बास-बल्ली लगाकर करीब 60 दुकानें लगा ली हैं। जबकि बुधवार को एसडीएम और मंडी प्रशासन ने अवैध आम मंडी लगाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है, जिसका आढ़तियों पर कोई असर नहीं पड़ा है। इनके अवैध कारोबार और वाहनों की धमा-चौकड़ी से दो माह तक हाईवे जाम रहेगा और दुर्घटना की आशंका बनी रहेगी।
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मंडी परिषद ने मलिहाबाद में केवल आम का कारोबार करने के लिए हाईटेक मंडी बनाई थी। लेकिन, आढ़तियों ने लाइसेंस नहीं लिए और हाईवे पर अवैध मंडी सजाकर देशभर में आम का कारोबार करते रहे। इससे करोड़ों की मंडी शोपीस बनी रही। ऐसे में शासन ने मंडी को फल, सब्जी समेत अन्य जिंस का कारोबार करने की अनुमति दे दी। पिछले वर्ष व्यापारियों ने लाइसेंस लिए और दुकानें भी आवंटित कराई। लेकिन, आम का कारोबार हाईवे पर अवैध मंडी लगाकर किया। इससे मंडी शुल्क को करोड़ों का नुकसान हुआ। दुकान सजाने से पहले पुलिस, प्रशासन और मंडी समिति ने कार्रवाई के प्रयास किए थे, लेकिन दबाव में सख्त कार्रवाई नहीं कर पाए। इस बार भी अफसरों की चेतावनी का कोई असर नहीं दिखा।
बैठक में सभी को स्थाई मंडी में दुकानें लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद भी हाईवे पर मंडी लगती है तो कार्रवाई करेंगे। यदि कोई किसान किराये पर अस्थाई मंडी के लिए जमीन देता है तो उस पर भी कार्रवाई करेंगे।- अंकित कुमार, एसडीएम मलिहाबाद
- आढ़तियों की मांग थी कि मंडी में टिनशेड और चबूतरा नहीं है जो बना दिए गए। बराबर अपील के बाद भी आढ़ती हाईवे किनारे अस्थाई मंडी लगा रहे हैं। इन पर कार्रवाई करके जुर्माना वसूल करेंगे। एसडीएम ने बैठक में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।- सुभाष सिंह, मंडी सचिव
मलिहाबाद मंडी के 25 फर्मों के लाइसेंस निलंबित
उप मंडी स्थल मलिहाबाद का लाइसेंस लेकर दुबग्गा मंडी में कारोबार करने वाली 25 फर्माें के लाइसेंस मंडी सचिव ने निलंबित कर दिए हैं। इनके द्वारा लाइसेंस के नियमों का उल्लंघन करके कारोबार किया गया। इससे मंडी शुल्क को करोड़ों का नुकसान हुआ है। मंडी सचिव सुभाष सिंह ने बताया कि मैसर्स अनिल चौरसिया फ्रूट एंड वेजीटेबुल, एस माैर्या फ्रूट कंपनी, एसके एंड संस, गुफरान अहमद एंड संस, ज्ञान सिंह एंड संस, जय मां लक्ष्मी एंड कंपनी, जय मां दुर्गे, आदर्श चौरसिया फ्रूट एंड वेजीटेबुल, अनूप ट्रेडिंग कंपनी, ओम प्रकाश एंड कंपनी, शिवशक्ति फ्रूट कंपनी, प्रकाश एंड संस, आशुतोष बाबू लाल एंड कंपनी, मुनीर अहमद एंड ब्रदर्स, बब्लू एंड संस, अमीन एंड ब्रदर्स, बाला जी फ्रूट कंपनी, कुलदीप एंड संस, हरी शंकर एंड कंपनी, रामभरोसे लोधी एंड संस, चेतराम एंड संस, रिंकू एंड कंपनी, शुभम फ्रूट एंड वेजीटेबुल, आबाद खान एंड ब्रदर्स ,गौरव फ्रूट कंपनी के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। इन फर्मों ने नोटिस का जवाब भी नहीं दिया।
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