लखनऊ में ग्रीन कॉरिडोर से जुड़ेगी वेलनेस सिटी, 10 लाख आबादी को होगा सीधा फायदा
- योजना के चार मुख्य मार्गों को ग्रीन कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा - एलडीए उपाध्यक्ष ने परियोजना का निरीक्षण कर दिए निर्देश
लखनऊ, अमृत विचार : शहीद पथ से किसान पथ को जोड़ने वाला ग्रीन कॉरिडोर का चौथा चरण वेलनेस सिटी की कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देगा। योजना के चार मुख्य मार्गों को ग्रीन कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने शुक्रवार को परियोजना का निरीक्षण करके अधिकारियों को इस बाबत निर्देश दिये हैं।
उपाध्यक्ष ने बताया कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से महज 0.5 किलोमीटर की दूरी पर प्रस्तावित वेलनेस सिटी में ट्रैफिक निर्बाध रूप से संचालित हो, इसके लिए योजना में 60 मीटर से 24 मीटर चौड़ी सड़कें विकसित की जाएंगी। साथ ही योजना के चार मुख्य मार्गों को निर्माणाधीन ग्रीन कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा। शहीद पथ से किसान पथ के मध्य 6.5 किलोमीटर लंबा व 24 मीटर चौड़ा ग्रीन कॉरिडोर आकार लेने लगा है। अधिकारियों को बारिश से पहले मिट्टी भराई का कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिये गये हैं।
1800 मीटर लंबी 4-लेन सड़क का काम शुरू
उपाध्यक्ष ने बताया कि सुलतानपुर रोड से ग्रीन कॉरिडोर को जोड़ने के लिए आर्मी लैंड से मरी माता मंदिर के मध्य 1800 मीटर लंबी 4-लेन सड़क का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इस सड़क के बनने से गोमती नगर विस्तार से अर्जुनगंज की ओर जाना आसान होगा और लगभग 10 लाख की आबादी को इसका सीधा लाभ मिलेगा। निरीक्षण में मुख्य अभियंता मानवेन्द्र सिंह, उप जिलाधिकारी संगीता राघव, जोनल अधिकारी देवांश त्रिवेदी व अधिशासी अभियंता अजीत कुमार समेत अन्य अधिकारी व अभियंता उपस्थित रहे।
427 किसानों से 78 हेक्टेयर भूमि के प्रस्ताव प्राप्त
सुलतानपुर रोड व किसान पथ के मध्य 485 हेक्टेयर क्षेत्रफल में वेलनेस सिटी योजना के लिए ग्राम बक्कास, मलूकपुर ढ़कवा, चौरहिया, चौरासी, दुलारमऊ, नूरपुर बेहटा तथा मस्तेमऊ की भूमि चिन्हित है। वेलनेस सिटी को मेडी सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। जहां सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, मेडिकल कॉलेज, डायग्नोस्टिक सेंटर के साथ विपासना केन्द्र व मेडिटेशन सेंटर आदि होंगे। लैंड पूलिंग, अर्जन एवं किसानों से सहमति के आधार पर योजना के लिए भूमि जुटाव का कार्य किया जाएगा। अभी तक 427 किसानों से 78 हेक्टेयर भूमि के प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। जबकि, 30 हेक्टेयर भूमि का लैंड पूलिंग एग्रीमेंट किया जा चुका है। जल्द ही भूमि देने वाले किसानों को लॉटरी के माध्यम से विकसित भूखंड आवंटित किये जाएंगे।
यह भी पढ़ें:
कन्नौज में फूड प्वाइजनिंग से 62 लोग बीमार, कथा का प्रसाद खाने से बिगड़ी तबियत, प्रशासन ने जांच शुरू की
