बाराबंकी : लोक अदालत में 1.56 लाख से अधिक मामले निस्तारित, 16 करोड़ वसूले
बाराबंकी, अमृत विचार। शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 1,56,664 मामलों का निस्तारण करते हुए 16 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि अर्थदंड और प्रतिकर के रूप में जमा कराई गई। कार्यक्रम का आयोजन राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बाराबंकी द्वारा किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष प्रतिमा श्रीवास्तव ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस दौरान मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण की पीठासीन अधिकारी अल्पना सक्सेना, न्यायिक अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी आदि मौजूद रहे। जनपद न्यायाधीश ने कहा कि संवाद, सहमति और संवेदनशीलता लोक अदालत की आत्मा है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत आमजन को त्वरित, सुलभ और किफायती न्याय उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम है।
नोडल अधिकारी अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीकृष्ण चन्द्र सिंह ने बताया कि विभिन्न न्यायालयों, बैंकों, राजस्व विभाग और अन्य विभागों द्वारा कुल 1,56,664 मामलों का निस्तारण किया गया तथा 16,19,05,936 रुपये की धनराशि अर्थदंड एवं प्रतिकर के रूप में जमा कराई गई। सिविल कोर्ट बाराबंकी के विभिन्न न्यायालयों में 34,873 वादों का निस्तारण करते हुए 5.73 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की गई।
वहीं प्री-लिटिगेशन स्तर पर वैवाहिक, बैंक और राजस्व संबंधी 1,21,791 मामलों का निस्तारण कर 10.45 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि वसूल की गई। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण न्यायालय ने 74 मामलों का निस्तारण करते हुए 3.40 करोड़ रुपये प्रतिकर के रूप में प्रदान किए। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधा सिंह ने सर्वाधिक 11,017 मुकदमों का निस्तारण कर 3.39 लाख रुपये अर्थदंड वसूल किया।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उज्ज्वल उपाध्याय ने बताया कि विभिन्न राजस्व न्यायालयों में 79,091 वादों का निस्तारण किया गया। जिले की विभिन्न बैंकों ने 1,192 एनपीए खातों का निस्तारण कर 7.45 करोड़ रुपये की वसूली की, जिसमें बैंक ऑफ इंडिया ने सर्वाधिक 483 मामलों का निस्तारण किया। लोक अदालत के दौरान पारिवारिक न्यायालयों में 15 दंपतियों को आपसी सहमति से साथ विदा किया गया।
