अमेरिका-ईरान तनाव से आसमान पर हवाई किराया, खाड़ी देशों से घर आने वाले प्रवासियों की बढ़ी मुश्किलें
खाड़ी देशों से हर दो साल पर लोग दो महीने की छुट्टी पर आते घर एयरलाइंस का किराया 20,000 रुपये, अब 55 हजार के पार पहुंचा
जमीर सिद्दीकी/कानपुरम, अमृत विचार। अमेरिका-ईरान युद्ध के बाद आए तेल संकट के कारण एयरलाइंस ने विदेशी यात्रा का किराया कई गुना बढ़ा दिया है जिससे खाड़ी देशों में रहने वाले हजारों लोग अपने घर छुट्टी पर नहीं आ पा रहे हैं और जो लोग तीन चार महीने पहले कानपुर आए हैं, वह वापस नहीं जा पा रहे हैं।
बताते चलें कि हजारों लोग गर्मी में बच्चों की छुट्टी के चलते आते हैं ताकि अपने परिवार के साथ दो माह सकून के पल बिता सकें लेकिन इस बार लोग किराया सुनते ही पसीना छोड़ रहे हैं और ये कह रहे हैं कि एक लाख रुपये लगाकर दो महीने के लिए आएं तो बच्चों को क्या खिलायेंगे, इससे अच्छा हम यहीं ठीक हैं।
जूही लाल कालोनी में रहने वाले शहनवाज खान बताते हैं कि उनका भाई दुबई में रहता है, पिछले 12 साल से वहीं नौकरी करता है, हर दो साल पर गर्मी की छुट्टी में आता है क्योंकि उसके बीवी बच्चे सब यहीं हैं लेकिन इस बार कानपुर आने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है क्योंकि किराया इतना बढ़ चुका कि सालभर की कमाई किराये में ही निपट जाएगी।
इसी प्रकार बाबूपुरवा स्थित महेलिया का मैदान के पास रहने वाले मीनू अंसारी पिछले 10 वर्षों से शारजाह में काम करते हैं, उनके एक साले कुवैत में हैं। इन दोनों को ही विदेश में दो साल हो चुके हैं लेकिन इस बार 10 मई को जब ट्रेवल्स एजेंसी से टिकट बनाने को कहा तो एजेंसी ने जब उनको किराया बताया को उनकी हालत खराब हो गयी।
दरअसल भारत से खाड़ी देशों के अलावा जिन देशों के लिए फ्लाइट है, उनका किराया काफी बढ़ गया है, लोग उमरा करने के लिए सऊदी जाते थे तो 25 हजार रुपये में पहुंच जाते थे लेकिन अब यही किराया कई गुना बढ़ गया है।
छुट्टी पर आये लोग विदेश नहीं जा पा रहे
खाड़ी देशों से जो लोग तीन चार माह पहले रियाद, शारजाह, कुवैत, दुबई आदि देशों से कानपुर परिवार के साथ छुट्टी बिताने आये थे, अब उनके सामने भी दुबारा जाने की मुश्किल खड़ी हो गयी है क्योंकि ये दिमाग बनाकर आये थे कि 25-30 हजार में पहुंच जाएंगे लेकिन अब यही किराया 70,000 तक पहुंच गया है, घर में रहकर जितना पैसा था खर्च हो गया, अब इतना किराये का कैसे बंदोबस्त करें, कई लोगों का वीजा ही खत्म हो गया।
जरा विदेशों का किराया देखिए
| दिल्ली/लखनऊ | तिथि | पहले किराया | अब किराया |
| जद्दा | 22 मई | 26000 | 53,579 |
| दुबई | 21 मई | 12000 | 30,696 |
| कुवैत | 2 जून | 22000 | 70,810 |
| दोहा | 21 मई | 25000 | 60,000 |
| लंदन | 19 मई | 75000 | 1,25000 |
कई गुना किराया बढ़ने से कारोबार प्रभावित
विदेशी हवाई यात्राओं का किराया कई गुना बढ़ गया है जिससे यात्रियों की संख्या में कमी आई है, कई लोग विदेश से छुट्टी मनाने आये थे, अब किराया बढ़ने से बड़ी समस्या ऐसे लोगों के सामने खड़ी हो गयी है, गर्मी में हजारों लोग विदेश से सैकड़ों लोग कानपुर आते थे लेकिन इस बार 20 प्रतिशत लोग ही विदेश से आ रहे हैं। शारिक अलवी, निदेशक, अवध टूअर्स एंड ट्रेवल्स, कानपुर
