Barabanki Crime News: दो तस्कर गिरफ्तार, 51 लाख की अफीम बरामद, नेपाल से लाकर यूपी में करते थे आपूर्ति

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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बाराबंकी, अमृत विचार। एएनटीएफ थाना बाराबंकी और थाना रुपैडिहा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अवैध मादक पदार्थ की तस्करी करने वाले दो सक्रिय तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 10.050 किलोग्राम अवैध अफीम, एक बाइक, दो एंड्रॉयड मोबाइल, 448 रुपये भारतीय मुद्रा तथा 1800 नेपाली रुपये भी बरामद किए गए।

गिरफ्तार अभियुक्तों में पंकज कुमार वर्मा निवासी सोरहिया बाबागंज थाना रुपैडिहा जनपद बहराइच तथा खिम बहादुर कार्की निवासी छिन्चू बाजार, जिला सुरखेत (नेपाल) शामिल हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को 15 मई को मल्हीपुर रोड स्थित ग्राम लक्ष्मणपुर के पास डॉ. विनोद की बंद दुकानों के सामने से गिरफ्तार किया।

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे नेपाल से अफीम लाकर बहराइच, लखीमपुर खीरी और श्रावस्ती समेत नेपाल सीमा से सटे जिलों में ऊंचे दामों पर बेचते थे। घटना वाले दिन भी दोनों आरोपी नेपाल से अफीम लाकर एक ग्राहक को सप्लाई करने जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।

मामले में थाना रुपैडिहा जनपद बहराइच में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई में एएनटीएफ बाराबंकी के उपनिरीक्षक करुणेश पाण्डेय, पुरुषोत्तम विश्वकर्मा, मनीष कुमार दुबे समेत पुलिस टीम के अन्य सदस्य शामिल रहे।

अंतरजनपदीय गैंग पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

पुलिस ने चोरी और नकबजनी जैसे गंभीर अपराधों में सक्रिय अंतरजनपदीय गिरोह पर शिकंजा कसते हुए जोन स्तर पर आईआर गैंग (इंटर रेंज गैंग) का पंजीकरण कराया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय की आख्या पर की गई। पुलिस के अनुसार ऐसे गिरोह, जिनके सदस्य एक से अधिक परिक्षेत्रों के जनपदों में सक्रिय रहते हैं और चोरी व नकबजनी जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं, उनके विरुद्ध आईआर गैंग का पंजीकरण कराया जाता है।

इसी क्रम में थाना जहांगीराबाद क्षेत्र के एक गिरोह को सूचीबद्ध किया गया है। पुलिस के मुताबिक गैंग लीडर मनोज कुमार निवासी ग्राम अटवा थाना जहांगीराबाद अपने साथियों दयाराम, रवीन्द्र उर्फ रवि, उमेश उर्फ अभिषेक, नीलू और विनय कुमार सोनी के साथ मिलकर बाराबंकी, लखनऊ और सीतापुर समेत विभिन्न जनपदों में चोरी और नकबजनी की वारदातों को अंजाम देता था। गिरोह के विरुद्ध आईआर गैंग का पंजीकरण किया गया है। कुछ सदस्य वर्तमान में जेल में हैं, जबकि कुछ आरोपी जमानत पर बताए जा रहे।

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