स्मार्ट मीटर जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग, उपभोक्ता परिषद ने पावर कॉरपोरेशन की जांच प्रक्रिया पर उठाए सवाल
लखनऊ, अमृत विचार: स्मार्ट मीटरों की गुणवत्ता और कार्यप्रणाली को लेकर उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग उठाई है। परिषद का आरोप है कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित चार सदस्यीय जांच समिति की अंतरिम रिपोर्ट गोपनीय तरीके से राज्य सरकार को सौंप दी गई, जबकि मामला करोड़ों उपभोक्ताओं से जुड़ा है।
परिषद के अध्यक्ष ने कहा कि केवल विभागीय लैब में स्मार्ट मीटर की एक्यूरेसी जांच कर उसे सही घोषित करना पर्याप्त नहीं है। वास्तविक जांच तभी मानी जाएगी जब स्मार्ट मीटर को एमडीएम, एचईएस और क्लाउड सिस्टम से जोड़कर उसकी तकनीकी कार्यप्रणाली की पड़ताल की जाए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के मानकों के अनुसार सभी कंपोनेंट्स का परीक्षण जरूरी है।
परिषद ने सवाल उठाया कि जब ऊर्जा मंत्री और पावर कॉरपोरेशन लगातार स्मार्ट मीटर तकनीक को विश्वसनीय बता रहे हैं, तो जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने के बजाय विभागीय लैब में क्यों कराई गई।
इधर, आरडीएसएस योजना की समीक्षा के लिए केंद्र सरकार की उच्चस्तरीय टीम लखनऊ पहुंची, जहां शक्ति भवन में हुई बैठक में स्मार्ट मीटर का मुद्दा प्रमुखता से उठा। परिषद ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अंतरिम रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है।
