Bareilly: डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ने से महंगाई की आहट, आम जनजीवन पर असर

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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बरेली, अमृत विचार। डीजल और पेट्रोल के दामों में हालिया वृद्धि ने एक बार फिर महंगाई की चिंता को गहरा कर दिया है। डीजल के दाम 87.85 रुपये से बढ़कर 90.58 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल 94.74 रुपये से बढ़कर 97.59 रुपये प्रति लीटर हो गया है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर परिवहन और ढुलाई लागत पर पड़ने लगा है। जिससे बाजार में वस्तुओं की कीमतें बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि ईंधन महंगा होने से ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ेगा, जिसका बोझ व्यापारी के साथ ही सीधा ग्राहकों पर पड़ेगा।

व्यापारियों ने चिंता जताते हुए कहा कि डीजल-पेट्रोल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव से उनकी लागत पूरी तरह से प्रभावित हो रही है। छोटे और मध्यम स्तर के व्यापारी सबसे अधिक दबाव में हैं, क्योंकि उनके लिए बढ़ी हुई लागत को संभालना मुश्किल हो रहा है। कई व्यापारियों का कहना है कि ढुलाई महंगी होने से रोजमर्रा की वस्तुओं जैसे खाद्य सामग्री, सब्जियां और जरूरी सामान के दामों में बढ़ोतरी तय है, जिससे बाजार में मांग भी प्रभावित हो सकती है। शहरवासियों ने कहा कि पहले से ही महंगाई से जूझ रहे परिवारों के लिए यह नई बढ़ोतरी अतिरिक्त बोझ लेकर आई है। किराया, परिवहन और दैनिक जरूरत की चीजों के दाम बढ़ने से घरेलू बजट पर सीधा असर पड़ेगा। लोगों का कहना है कि आमदनी जस की तस रहने के बावजूद खर्च बढ़ने से आर्थिक संतुलन बिगड़ रहा है।

भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार अग्रवाल ने बताया कि पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से माल ढुलाई और परिवहन खर्च बढ़ जाएगा। जिससे व्यापारियों की लागत बढ़ेगी और मुनाफा सीधे तौर पर कम होगा। बाजार में रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम बढ़ने से बिक्री पर भी असर पड़ेगा। छोटे और मध्यम व्यापारियों पर आर्थिक दबाव अधिक बढ़ने की संभावना रहेगी।

लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने बताया कि डीजल के दामों में वृद्धि का सीधा असर परिवहन (लॉजिस्टिक्स) लागत और उत्पादन लागत पर पड़ा है। वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए आने वाले समय में कीमतों के और बढ़ने की संभावना भी बनी हुई है। इससे महंगाई और अधिक बढ़ सकती है। जिसे नियंत्रित करने का प्रयास सरकार की तरफ से अब तक किया जाता रहा है।


उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री राजेंद्र गुप्ता ने बताया कि सिर्फ तीन रुपये बढ़े हैंस जबकि लोग अधिक वृद्धि के लिए तैयार थे। इसलिए इस पर कोई विशेष फरक नहीं पड़ने वाला है। सरकार भी इसलिए सिर्फ तीन रुपये बड़ाई है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय मूल्य वृद्धि का बहुत दबाव था। इसलिए मुझे लगता है कि अभी जल्द ही कोई मूल्य वृद्धि का सामना या इसका तेजी के आसार का सामना नहीं करना पड़ेगा।

आईआईए सदस्य विमल रेवाड़ी ने कहा कि यह एक वैश्विक त्रासदी की तरह है। यह हमारे देश तक सीमित नहीं है। निश्चित रूप से इस बढ़ोतरी का उद्योगों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। हमारी लागत बढ़ेगी, किराया भाड़े पर भी असर पड़ेगा। लेकिन ऐसी कठिन समय में हम सबको सरकार का साथ देना चाहिए। यही वक्त होता है जब हम अपने देश के लिए कुछ योगदान दे सकते हैं।

बिथरी चैनपुर के निवासी शिवम सिंह ने कहा कि तेल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे हमारा पूरा बजट बिगड़ गया है। पहले हम महीने का खर्च आसानी से संभाल लेते थे, लेकिन अब हर चीज महंगी होती जा रही है। सब्जी, राशन और ट्रांसपोर्ट सभी पर असर पड़ेगा। हमें डर है कि अगर यही हाल रहा आम लोगों का जीना मुश्किल हो जाएगा। आम आदमी की जिंदगी पहले से ही कठिन होती चली आ रही है, लेकिन, अब मंहगाई और कमर तोड़ देगी।

गणेशपुरम निवासी विमल सक्सेना ने कहा कि तेल के दाम बढ़ने से घर का खर्च संभालना बहुत मुश्किल हो गया है। पहले जो बजट ठीक चलता था, अब उसी में कमी पड़ रही है। गैस, सब्जी और राशन सब महंगे हो गए हैं, जिससे बचत लगभग खत्म हो गई है। बच्चों की जरूरतें पूरी करना भी चुनौती बन गया है। हर महीने कुछ न कुछ कटौती करनी पड़ रही है। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।

 

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