इस समर, एक बड़े राज के साथ घर लौट रहा है इंडियन सुपरहीरो
क्या हो अगर आपके दादाजी ही धरती के आखिरी सुपरहीरो हों? जैकी श्रॉफ की द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो इसी दिलचस्प सवाल को बड़े मनोरंजक अंदाज़ में पेश करती है। फिल्म का ट्रेलर आपको अंत तक हंसाता, मुस्कुराता और उत्सुक बनाए रखता है। जी स्टूडियोज और अमदावाद फिल्म्स द्वारा निर्मित यह फिल्म दर्शकों को एक ऐसी दुनिया में ले जाती है, जहां बचपन की कल्पनाएं एलियन इनवेजन से टकराती हैं।
शक्तिमान, करण अर्जुन और जादू जैसे पॉप-कल्चर रेफरेंसेज से भरा यह ट्रेलर पुरानी यादों को ताजा करते हुए आज की पीढ़ी के लिए कुछ नया पेश करता है। यह फिल्म भारतीय सुपरहीरो संस्कृति को नई पहचान देती है और बच्चों के लिए लंबे समय से इंतजार की जा रही एक बड़ी भारतीय फिल्म साबित हो सकती है।
फिल्म के केंद्र में हैं जैकी श्रॉफ, जो अपने किरदार में हास्य, रहस्य, गर्मजोशी और आकर्षण का अनोखा मिश्रण लेकर आते हैं। क्या वह सच में सुपरहीरो हैं या यह सिर्फ एक बच्चे की कल्पना है, जो अपने दादाजी को दुनिया का सबसे बड़ा हीरो मानता है? ट्रेलर इसी रहस्य को अंत तक बनाए रखता है।
जैकी श्रॉफ ने कहा, “इस फिल्म की सबसे खास बात बच्चों की कल्पनाओं की दुनिया को देखना है। बचपन में हम सभी को लगता था कि हमारे हीरो कुछ भी कर सकते हैं। इस ट्रेलर में वही मासूमियत, पागलपन और रोमांच है। इसमें एडवेंचर, एलियंस, एंटरटेनमेंट और एक सोशल मैसेज भी है।” राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक मनीष सैनी ने कहा, “बच्चे दुनिया को सबसे मजेदार तरीके से देखते हैं। वे छोटी-सी घटना को भी सुपरहीरो कहानी बना सकते हैं। हम उसी ऊर्जा को फिल्म में लाना चाहते थे।”
फिल्म में प्रतीक स्मिता पाटिल, भाग्यश्री दसानी, शरद सक्सेना, मिहिर गोडबोले, दुर्गेश कुमार, सहर्ष शुक्ला, शिवांश चोरगे और कुमार सौरभ भी नजर आएंगे। द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो का ट्रेलर एक मजेदार, भावनात्मक और पूरी तरह भारतीय सुपरहीरो दुनिया की झलक देता है, फिल्म 29 मई को रिलीज होगी।
कर्तव्य : ईमानदारी, सत्ता और अंतरात्मा की टकराहट की कहानी
नेटफ्लिक्स की फिल्म कर्तव्य एक गंभीर और यथार्थवादी क्राइम ड्रामा है, जिसकी कहानी एक ईमानदार पुलिस अधिकारी के इर्द-गिर्द घूमती है। सैफ अली खान ने इस किरदार को बेहद संयम और सादगी के साथ निभाया है। छोटे कस्बे में एक पत्रकार की हत्या की जांच करते हुए वह धर्म, राजनीति और सत्ता के जाल में उलझता चला जाता है। हत्या के आरोप में एक नाबालिग लड़के का नाम सामने आता है, जबकि शक एक प्रभावशाली धार्मिक गुरु आनंद श्री पर जाता है। फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी सच्चाई और वास्तविकता का एहसास है। यह केवल एक हत्या की जांच नहीं दिखाती, बल्कि यह भी बताती है कि ईमानदारी से कर्तव्य निभाना कितना कठिन हो सकता है।
रसिका दुग्गल और संजय मिश्रा जैसे कलाकारों ने भी अपने दमदार अभिनय से कहानी को मजबूती दी है। निर्देशन संतुलित है और फिल्म बिना किसी बनावटीपन या अतिनाटकीयता के आगे बढ़ती है। बैकग्राउंड म्यूजिक और कैमरा वर्क कहानी के गंभीर माहौल को प्रभावशाली बनाते हैं। हालांकि कुछ जगह फिल्म की रफ्तार धीमी लग सकती है, लेकिन इसका असर अंत तक बना रहता है। कर्तव्य उन दर्शकों के लिए खास फिल्म है जो मसाला मनोरंजन से अलग, सोचने पर मजबूर करने वाली कंटेंट-प्रधान कहानियां पसंद करते हैं। यह फिल्म ईमानदारी, भ्रष्टाचार, जातिवाद और सत्ता के दुरुपयोग जैसे मुद्दों को बेहद प्रभावी ढंग से सामने लाती है।
समीक्षक- प्रदीप शर्मा
