जब मैदान में उतरे जख्मी गैरी कर्स्टन

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Edited By Amrit Vichar
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साउथ अफ्रीका के गैरी कर्स्टन की गिनती दुनिया के महान बल्लेबाज़ों में होती हैं। वह 100 टेस्ट खेलने वाले साउथ अफ्रीका के पहले बल्लेबाज़ थे। उन्होंने 1999 में इंग्लैंड के विरुद्ध 275 रन की पारी खेली थी जो उस समय साउथ अफ्रीकन रिकॉर्ड था। ये पारी इस लिहाज़ से यादगार है क्योंकि इसके लिए कर्स्टन …

साउथ अफ्रीका के गैरी कर्स्टन की गिनती दुनिया के महान बल्लेबाज़ों में होती हैं। वह 100 टेस्ट खेलने वाले साउथ अफ्रीका के पहले बल्लेबाज़ थे। उन्होंने 1999 में इंग्लैंड के विरुद्ध 275 रन की पारी खेली थी जो उस समय साउथ अफ्रीकन रिकॉर्ड था। ये पारी इस लिहाज़ से यादगार है क्योंकि इसके लिए कर्स्टन 868 मिनट तक मैदान में डटे रहे।

टेस्ट इतिहास में समय के हिसाब से सबसे लम्बी पारियों में कर्स्टन दूसरे नंबर पर है। पहले नंबर पर पाकिस्तान के हनीफ मोहम्मद हैं जो वेस्ट इंडीज के मुक़ाबले 1957 के ब्रिजटाउन टेस्ट में 970 मिनट तक जमे रहे थे। कर्स्टन मूलतः डिफेंसिव श्रेणी के बल्लेबाज़ थे, लेकिन हिट करने के लिए लूज़ गेंद का बहुत देर तक इंतजार नहीं करते थे। उन्होंने 101 टेस्ट में 45.45 की औसत से 7289 रन बनाये और 185 एकदिनी में 6798 रन बनाये। वो आउटस्टैंडिंग फील्डर भी थे।

टेस्ट से अलविदा के बाद कर्स्टन ने कोचिंग शुरू की। वह टीम इंडिया के 2008 से 2011 तीन साल तक कोच रहे। क्रिकेट प्रेमियों को याद होगा 2011 का एकदिनी वर्ल्ड कप जब टीम इंडिया ने जीता था तो कर्स्टन ही कोच थे, जिन्हें विराट कोहली, सुरेश रैना, गौतम गंभीर जैसे युवा खिलाडियों ने कंधे पर बैठा कर मैदान का चक्कर लगाया था।
कर्स्टन की गिनती जांबाज़ों में होती है, इसका एक नमूना ही काफ़ी है।

लाहोर के गद्दाफ़ी स्टेडियम में 17 अक्टूबर 2003 को पाकिस्तान और साउथ अफ्रीका के बीच पहला टेस्ट शुरू हुआ। शोएब अख़्तर की ख़तरनाक तेज गेंद बल्लेबाज़ों को परेशान कर रही थीं। इतना तो ठीक था, लेकिन बड़ी दिक्कत ये थी कि अख़्तर की ज्यादा गेंदें बल्लेबाज़ के जिस्म को निशाना बना रही थीं। अलावा इसके वो बल्लेबाज़ों को गुस्से से घूरते भी थे ताकि वो दिमागी तौर पर डिस्टर्ब हो जाए। अख़्तर पंजाबी में गाली-गलौज़ भी करने से नहीं चूक रहे थे। उस दिन ऐसा लग रहा था कि गद्दाफी स्टेडियम खेल का नहीं युद्ध का मैदान है। एक वक़्त साउथ अफ्रीका का स्कोर 159 पर 3 विकेट था। 53 रन पर मज़बूती से जमे कर्स्टन पारी को संभाल रहे थे।

अचानक शोएब अख़्तर की एक बाउंसर उनकी हेलमेट की जाली को फोड़ते हुए उनकी बायीं आंख पर जा लगी। वह दर्द से बिलबिलाते हुए ज़मीन पर गिर पड़े। पिच पर खून फैल गया। दोनों अंपायर और शोएब सहित तमाम पाकिस्तानी फील्डर उनकी मदद को दौड़े। वह लगभग अचेत हो गए। उन्हें फ़ौरन अस्पताल पहुंचाया गया। शुक्र है आंख बच गयी, लेकिन उनकी आंख के पास बहुत बड़ा कट लग गया था। जिसे जोड़ने में कई टांके लगे। नाक की हड्डी में भी फ्रैक्चर पाया गया।

कर्स्टन वो इनिंग पूरी नहीं खेल पाए। रिटायर्ड हर्ट रहे। साऊथ अफ्रीका के टीम 320 पर सिमट गयी। जवाब में पाकिस्तान ने 401 रन बनाये। दूसरी पारी में साउथ अफ्रीका की हालत ख़राब थी। ऐसे में कर्स्टन ने मेडिकल एडवाइस के खिलाफ मैदान में उतरने का फ़ैसला किया। उन्हें कप्तान ग्रीम स्मिथ सहित साथियों ने भी बहुत समझाया, लेकिन वो नहीं माने। बोले, हाथ-पैर तो सलामत हैं। दर्द-निवारक इंजेक्शन लेकर वो क्रीज़ पर लगभग दो घंटे तक बड़ी मज़बूती से जमे रहे। बाउंसर्स का मुकाबला किया। उन्होंने इस बीच 46 बेशक़ीमती रन बनाये। मगर अफ़सोस कि वो काम नहीं आये। पाकिस्तान ने वो टेस्ट 8 विकेट से जीता। मगर चर्चा पाकिस्तान की जीत की नहीं, बल्कि कर्स्टन के जज़्बे और बहादुरी की हुई।

और हां, शोएब अख़्तर द्वारा स्पिनर पॉल एडम्स के लिए अभद्र भाषा के इस्तेमाल करने पर मैच रैफ़्री क्लाईव लॉयड ने उन पर आजीवन प्रतिबंध लगाने की सिफ़ारिश की, जिसे आईसीसी ने विचारोपरांत एक टेस्ट और एक ओडीआई बैन में तब्दील कर दिया।

– वीर विनोद छाबड़ा

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