Rohit Sharma on Criticism: 'अगर शोर-शराबा नहीं, तो मजा नहीं', आलोचनाओं पर रोहित का दमदार जवाब
लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ शानदार शतक जड़ने के बाद रोहित शर्मा ने अपनी फॉर्म पर उठ रहे सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि बाहरी आलोचनाएं उनके खेल को प्रभावित नहीं करतीं, उनका पूरा ध्यान टीम के लिए योगदान देने पर रहता है।
लंदन: भारतीय वनडे टीम के सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने अपनी फॉर्म को लेकर हो रही आलोचनाओं पर बेबाक प्रतिक्रिया दी है। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे वनडे में शानदार शतक लगाने के बाद रोहित ने कहा कि बाहरी शोर या आलोचनाएं उनके खेल पर कोई असर नहीं डालतीं। उनका मानना है कि मैदान पर प्रदर्शन ही सबसे बड़ा जवाब होता है।
लॉर्ड्स में खेली यादगार पारी
रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे में 110 गेंदों पर 138 रन की शानदार पारी खेली। यह उनके वनडे करियर का 34वां शतक और ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर पहला शतक रहा। हालांकि उनकी शानदार बल्लेबाजी के बावजूद भारत को मैच में हार का सामना करना पड़ा और टीम तीन मैचों की सीरीज 1-2 से गंवा बैठी।
'मैदान पर प्रदर्शन ही सबसे अहम'
मैच के बाद रोहित शर्मा ने कहा कि उनका काम सिर्फ बल्लेबाजी करना और टीम के लिए योगदान देना है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था, तब भी आलोचनाएं होती थीं और आज भी हो रही हैं।
रोहित ने कहा कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह मैदान पर कैसा प्रदर्शन करते हैं और टीम की सफलता में कितना योगदान दे पाते हैं।
'शोर हमेशा रहेगा, मुझे फर्क नहीं पड़ता'
रोहित शर्मा ने कहा कि क्रिकेट में बाहरी चर्चाएं और आलोचनाएं हमेशा बनी रहती हैं। उन्होंने कहा कि जब तक वह क्रिकेट खेलेंगे, तब तक यह शोर भी रहेगा, लेकिन इससे उनकी सोच या खेलने का तरीका नहीं बदलता।
उनके मुताबिक, उनका पूरा ध्यान टीम इंडिया के लिए बेहतर प्रदर्शन करने और जिम्मेदारी निभाने पर रहता है।
