फर्जी आईएएस मामला: शिप्रा गैंग के हर दिन खुल रहे काले कारनामे, धोखाधड़ी के दो और केस दर्ज

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। फर्जी आईएएस बहनों पर फिर से धोखाधड़ी के दो मुकदमे दर्ज हुए है। इस बार ठगी करने वाली बहनों ने दो लोगों की नौकरी लगाने के बाद उन्हें एक माह का वेतन भी दिया। लेकिन उसके बाद पीड़ितों को पता चला की उनकी नियुक्ति पत्र ही फर्जी है। दोनों की शिकायतों पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है। इन मुकदमों को मिलाकर आरोपी बहनों पर 28 मामले अब तक दर्ज हो चुके है।

बीसलपुर के पीड़ित से 14 लाख की ठगी
बीसलपुर के रहने वाले कनिष्का सिन्हा ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी की सरकारी नौकरी लगवाने के लिए ग्रीन पार्क निवासी डॉ विप्रा शर्मा को 14 लाख रुपये दिए थे। इसमें 8 लाख रुपये नकद थे और छह लाख रुपये एकाउंट में दिए थे। विप्रा ने रुपये लेने के बाद उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया। सच्चाई जानने पर जब पीड़ित ने अपने रुपये मांगे तो आरोपी बहनों ने उन्हें जान से मरवाने की धमकी दे दी। 

अलीगढ़ के पीड़ित से 20 लाख ठगे
वहीं अलीगढ के अग्रवाल कूचा थाना दिल्ली गेट निवासी मुकेश कुमार शर्मा ने अपने बेटों की नौकरी के लिए उन्हें 20 लाख रुपये नकद दिए थे। विप्रा ने पैसे लेने के बाद दोनों बेटों के नाम नियुक्ति पत्र भी भिजवा दिए। साथ ही घर बैठे ही उनकी एक माह का वेतन भी उनके एकाउंट में आ गया। बाद में उन्हें पता चला की उन्हें दिए गए नियुक्ति पत्र भी झूठे है। पीड़ितों की शिकायत पर बारादरी पुलिस ने आरोपी बहनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

जानिए क्या कह रही पुलिस
इंस्पेक्टर बारादरी बिजेद्र सिंह ने बताया कि आरोपी बहनों पर दो और मुकदमे दर्ज किए गए है। पुलिस 19 मामलों में आरोपी बहनों की रिमांड ले चुकी है। अब अन्य मुकदमों में भी पुलिस आरोपी बहनों की रिमांड लेगी।

 

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