Bareilly News: मौसम विभाग ने जारी किया लू का अलर्ट...साथ में मुश्किल बढ़ा रहा पॉवर कट
बरेली, अमृत विचार। बरेली में ज्येष्ठ की तपिश ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। आलम यह है कि दोपहर होते ही शहर के मुख्य बाजारों जैसे बड़ा बाजार, कुतुबखाना और सिविल लाइंस में सन्नाटा पसर जाता है। इस झुलसाती गर्मी में ठंडे पेय पदार्थों और गन्ने के रस की ठेलों पर भारी भीड़ उमड़ रही है, जबकि बिजली की भारी मांग के कारण कई इलाकों में अघोषित कटौती ने स्थानीय नागरिकों की परेशानी और बढ़ा दी है।
42 डिग्री तक पहुंचा पारा
जिले में भीषण गर्मी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को भी तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त नजर आया। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। दोपहर होते-होते सड़कों पर सन्नाटा सा पसर गया और लोग छांव तलाशते रहे। दोपहर एक बजे तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद दो और तीन बजे पारा 41 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि शाम चार बजे तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते बाजारों में भीड़ कम नजर आई। जरूरी काम से बाहर निकले लोग सिर और चेहरा ढककर निकलते दिखाई दिए।
पशु पक्षियों पर गर्मी का असर
भीषण गर्मी का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं बल्कि पशु-पक्षियों पर भी देखने को मिला। जगह-जगह पशु पानी की तलाश में भटकते नजर आए। कई स्थानों पर लोगों ने पक्षियों के लिए पानी के बर्तन भी रखे। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ेगी। शुक्रवार को तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। चिकित्सकों ने लोगों को दोपहर में घर से बाहर निकलने से बचने, अधिक पानी पीने और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।
बिना जरूरत घर से नहीं निकलें
मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा और गर्मी से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। बरेली समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में दिन के समय ''''हीट वेव'''' यानी लू चलने का अलर्ट जारी किया गया है। इससे साफ है कि इस बार न सिर्फ दिन बल्कि रातें भी लोगों को रुलाएंगी। चिकित्सकों ने इस जानलेवा गर्मी को देखते हुए लोगों को भरपूर पानी पीने और दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बेवजह बाहर न निकलने की सलाह दी है।
हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए कार्यशाला
गर्मी और लू के प्रकोप के बीच बरेली इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी (बीआईयू) के बीआईयू कॉलेज ऑफ फार्मेसी एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को हीट स्ट्रोक की रोकथाम एवं प्रबंधन विषय पर जागरुकता व्याख्यान व कार्यशाला का आयोजन किया गया। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को हीट स्ट्रोक के खतरे, उसके लक्षणों, बचाव और प्राथमिक उपचार की जानकारी देकर सतर्क रहने का संदेश दिया।मुख्य वक्ता वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. असीम तिवारी ने कहा कि लगातार बढ़ते तापमान के कारण हीट स्ट्रोक के मामले बढ़ रहे हैं। अत्यधिक गर्मी शरीर के तापमान नियंत्रण तंत्र को प्रभावित कर देती है, जिससे हीट स्ट्रोक की स्थिति उत्पन्न होती है। उन्होंने शरीर का तापमान बढ़ना, तेज सिरदर्द, चक्कर आना, मतली, उल्टी, तेज धड़कन, त्वचा का लाल और गर्म हो जाना तथा बेहोशी जैसे लक्षणों की जानकारी दी।
पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी
विद्यार्थियों को सलाह दी कि पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, धूप में निकलते समय टोपी या छाते का उपयोग करें, सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक तेज धूप से बचें और हल्के और सूती कपड़े पहनें। साथ ही फल व पानी युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन और अत्यधिक गर्मी में भारी शारीरिक श्रम से बचने पर जोर दिया। विशेषज्ञों ने कहा कि प्रभावित व्यक्ति को तुरंत छायादार या ठंडी जगह पर ले जाकर शरीर को ठंडा करने का प्रयास करें। विश्वविद्यालय के डीन व प्राचार्य डॉ. पुष्पेंद्र कन्नौजिया ने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी जागरुकता आज की आवश्यकता है और ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं। डॉ. अलका यादव ने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का आह्वान करते हुए कहा कि जागरुकता ही सबसे प्रभावी बचाव है। विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. लता अग्रवाल ने कहा कि जनहित और स्वास्थ्य जागरुकता से जुड़े कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने चाहिए। कार्यक्रम में डॉ. शैलेंद्र कुमार वर्मा, डॉ. रतन दीप चौहान, डॉ. पारस कुमार प्रजापति सहित संकाय सदस्य उपस्थित रहे।
