यूपी में 'मिशन कर्मयोगी' की धूम, 5.41 लाख से अधिक कार्मिकों ने पूरे किए चार से अधिक कोर्स
-मिशन कर्मयोगी प्रशिक्षण में योगी सरकार की रफ्तार तेज -योजनाओं के क्रियान्वयन व सेवा प्रणाली को भी नई मजबूती
लखनऊ, अमृत विचार: योगी सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को तकनीक आधारित, जवाबदेह और परिणाममुखी बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। मिशन कर्मयोगी प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत उत्तर प्रदेश ने बड़ा प्रदर्शन करते हुए नई उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश के 5.41 लाख से अधिक कर्मचारियों ने चार से अधिक प्रशिक्षण मॉड्यूल सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। यह कुल पंजीकृत कर्मचारियों का 88.16 प्रतिशत है।
जारी प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के कुल सात लाख कर्मचारियों में से 6,14,245 कर्मचारियों ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। इनमें 5,41,512 कर्मचारी चार से अधिक प्रशिक्षण कोर्स पूरे कर चुके हैं। खास बात यह है कि केवल 0.50 प्रतिशत कर्मचारी ऐसे हैं, जिनकी लर्निंग शून्य है। अधिकांश कर्मचारी लगातार प्रशिक्षण मॉड्यूल पूरे कर रहे हैं। सरकार का मानना है कि इस प्रशिक्षण अभियान से कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ने के साथ मॉनिटरिंग व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही में भी सुधार आया है।
कई जिलों का शानदार प्रदर्शन
मिशन कर्मयोगी प्रशिक्षण में कई जिलों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। बागपत में 97.24 प्रतिशत कर्मचारियों ने चार से अधिक कोर्स पूरे किए हैं, जबकि संतकबीरनगर में 97.13 प्रतिशत, मथुरा और बस्ती में 95.68 प्रतिशत, बाराबंकी में 94.95 प्रतिशत, श्रावस्ती में 94.21 प्रतिशत और सिद्धार्थनगर में 92.94 प्रतिशत कर्मचारियों ने प्रशिक्षण पूरा किया है। अलीगढ़ में 94.22 प्रतिशत, वाराणसी में 91.09 प्रतिशत, लखनऊ में 89.70 प्रतिशत और प्रयागराज में 87.09 प्रतिशत कर्मचारियों ने चार से अधिक मॉड्यूल सफलतापूर्वक पूरे किए हैं।
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