यूपी में मातृभूमि योजना से पंचायतों में बढ़ रही जनभागीदारी, 10 जिलों में 13 परियोजनाएं जारी

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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11 जिलों में 2.74 करोड़ की 21 परियोजनाएं पूरी, ग्रामीण विकास को मिल रही नई दिशा

लखनऊ, अमृत विचार : प्रदेश में सरकार की “मातृभूमि योजना” जनसहभागिता आधारित विकास मॉडल के रूप में तेजी से पहचान बना रही है। गांव, पंचायत और अपनी मिट्टी से जुड़ाव की भावना अब विकास कार्यों में भी दिखाई देने लगी है। पंचायती राज विभाग के अनुसार, प्रदेश के 11 जिलों में अब तक 21 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जिनकी कुल लागत लगभग दो करोड़ 74 लाख रुपये है। वहीं 10 जिलों में करीब तीन करोड़ 16 लाख रुपये लागत की 13 परियोजनाओं पर काम जारी है। इसके अलावा 17 जिलों से 33 नई परियोजनाओं के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

योजना के तहत पंचायतों में सीसी रोड, इंटरलॉकिंग सड़क, स्ट्रीट लाइट, सीसीटीवी कैमरा, खेल परिसर, शेड, फेंसिंग और डिजिटल सुविधाओं जैसी परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।

इसके साथ ही एआरटी एकेडमी जैसी सामाजिक और सांस्कृतिक परियोजनाओं को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं के साथ सांस्कृतिक विकास को भी नई दिशा मिल रही है।

समाज के सहयोग से बदल रही गांवों की तस्वीर

बुलंदशहर निवासी संजीव राजौरा ने स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स निर्माण के लिए लगभग एक करोड़ 7 लाख रुपये का सहयोग दिया है। वहीं उन्नाव की फुट पेंटर शीला ने आर्ट एकेडमी के निर्माण के लिए करीब 26 लाख 53 हजार रुपये का योगदान देकर मिसाल पेश की है। इसी प्रकार बागपत में सीसी रोड परियोजना और पंचायत स्तर पर विकसित हो रहे खेल परिसर ग्रामीण विकास की बदलती तस्वीर को दर्शा रहे हैं।

“मातृभूमि योजना” विश्वास और सहभागिता का अभियान: ओपी राजभर

पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि “मातृभूमि योजना” केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज और पंचायतों के बीच विश्वास, जिम्मेदारी और सहभागिता को मजबूत करने का अभियान है। उन्होंने कहा कि जब समाज स्वयं अपनी पंचायत के विकास के लिए आगे आता है तो विकास योजनाएं जनआंदोलन का रूप ले लेती हैं।

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