हौसलों की उड़ान : स्लम प्रिंसेस मलीशा खारवा
मलीशा खारवा की कहानी वाकई एक सच्ची सिंड्रेला स्टोरी है। लोग उन्हें ‘स्लम प्रिंसेस’ या ’झुग्गी की राजकुमारी’ कहते हैं। मलीशा की कहानी भूख के बीच धारावी/बांद्रा स्लम की कठिन जिंदगी से शुरू होती है, जब वह बहुत छोटी थी। मलीशा का जन्म 13 जनवरी, 2008 को मुंबई में गुजराती परिवार में हुआ। वो बांद्रा के वॉटरफ्रंट स्लम (या धारावी इलाके) में पली-बढ़ीं। घर एक छोटी-सी झोपड़ी थी, जो समुद्र किनारे बनी थी। माँ की मौत बचपन में ही हो गई थी। पापा मुकेश खारवा बच्चों की पार्टियों में जोकर बनकर कमाते थे, कभी-कभी भूखे रह जाते थे ताकि बच्चे खा सकें। मलीशा के परिवार में एक भाई भी है। उसका बचपन बड़ी कठिनाइयों में गु़ज़रा। गर्मी में फर्श पर सोना पड़ता था। पानी दूर से लाना पड़ता था। बर्तन धोने के लिए रेत में गड्ढा खोदकर गंदा पानी इस्तेमाल करते थे। नगर निगम अक्सर झोपड़ी तोड़ देता था, फिर दोबारा बनानी पड़ती थी।
मैं मॉडल बनूंगी
मलीशा 5 साल की उम्र से ही कहती थीं, ‘‘मैं मॉडल बनूंगी और परिवार को अच्छी जिंदगी दूंगी।’’ लोग हँसते थे, लेकिन वो कभी नहीं रुकीं। कहते हैं ना कि अगर ठान ली जाए तो रास्ते खुद ब खुद बन जाते हैं। मलीशा के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। साल 2020 में कोविड लॉकडाउन के दौरान हॉलीवुड एक्टर-डांसर रोबर्ट हॉफमैन मुम्बई आए थे। वो एक म्यूजिक वीडियो शूट के लिए स्लम में किसी लड़की को ढूंढ रहे थे। तभी उन्हें मलीशा मिलीं। रोबर्ट उन्हें ‘मिलियन डॉलर फेस’ कहकर इम्प्रेस हो गए। उन्होंने मलीशा से सपनों के बारे में बात की, परिवार से मिले, और उसका इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया। मलीशा का एक वीडियो वायरल हुआ और उसके फॉलोअर्स तेजी से बढ़े।
रोबर्ट ने ‘गो फंड मी’ कैंपेन चलाया, स्वयंसेवी संगठनों से मदद ली और मलीशा की करियर को सही तरीके से शुरू किया। आज उनके फॉलोअर्स लाखों में हैं! साल 2020 में पीकाॅक मैग्ज़ीन का कवर पर उनका फोटो छपा। साल 2023 जब वह 14-15 साल की उम्र की हो गईं, सबसे बड़ा ब्रेक, लग्जरी ब्यूटी ब्रांड ‘फाॅरेस्ट एसेंशियल्स ने उन्हें ‘युवति कलेक्शन’ का फेस बनाया। ये कैंपेन युवा लड़कियों को एम्पावर करने के लिए था। तब मलीशा स्टोर में अपनी पोस्टर्स देखकर रो पड़ीं थी!
म्लीशा की आज की जिंदगी की बात की जाए तो अब उसका परिवार अब एक अच्छे 1-रूम फ्लैट में रहता है। अभी भी वह स्कूल जाती हैं, दोस्तों के साथ नॉर्मल लाइफ जीती है। 2025 तक अनुमानित नेट वर्थ मॉडलिंग, ब्रांड्स से 8 करोड़ रुपये हुई। हॉलीवुड फिल्मों से कई ऑफर्स आ चुके हैं, लेकिन वो सिलेक्टिव हैं। मलीशा कहती हैं, ‘‘लोग कहते हैं मैं स्लम में रहती हूँ, लेकिन मैं अपनी जिंदगी से बहुत खुश हूँ। सपने देखो, यूनिवर्स उन्हें हकीकत बना देगा।’’ मलीशा साबित करती हैं कि चाहे जिंदगी कितनी भी मुश्किल हो, सपने पूरे हो सकते हैं। वो हजारों लड़कियों को इंस्पायर कर रही हैं, ख़ासकर उनको जो ग़रीबी में सपने देख रही हैं।
मलीशा की उपलब्धियां
मैगजीन कवर (2020)
अक्टूबर, 2020 में द पिकोक मैग्ज़ीन के कवर पर फीचर होना उनकी पहली बड़ी ब्रेकथ्रू थी। इसके बाद वोमू इंडिया, कास्मोपाॅलिटन इंडिया, ग्राज़िया, एले जैसी प्रतिष्ठित फैशन मैगजीन्स में फीचर्स और कवर स्टोरीज़ आईं।
शॉर्ट फिल्म और मॉडलिंग गिग्स (2021-2022)
शॉर्ट फिल्म ‘लाइव योर फेरीटेल’ में अभिनय किया। कई मॉडलिंग असाइनमेंट्स मिले, सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स 2.5 लाख से ज्यादा हो गए, जो बाद में 5 लाख तक पहुंचे।
बड़ा ब्रेकथ्रू (2023)
अप्रैल 2023 में लग्जरी ब्यूटी और स्किनकेयर ब्रांड फाॅरेस्ट एसेंश्यिल की की ‘युवति’ कलेक्शन का चेहरा बनीं। यह उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जाती है, क्योंकि यह एक हाई-एंड ब्रांड था और इससे स्टीरियोटाइप्स तोड़े गए (स्लम बैकग्राउंड से आने वाली लड़की को लग्जरी ब्रांड का फेस बनाया)। इस कैंपेन ने उनकी पहचान को और मजबूत किया।
अन्य हालिया उपलब्धियां
फोब्र्स इंडिया की डब्ल्यू पाॅवर लिस्ट में सबसे युवा सदस्य के रूप में शामिल होना उनकी एक बड़ उपलब्धि है। इंडियन फैशल अवार्ड में माॅडल आॅफ द ईयर अवॉर्ड)। अपनी खुद की ब्रांड एट-मलीशाबाईमलीशा, इन्फिनिटी हार्ट नेकलेस जैसी डिजाइन्स की ज्वेलरी लॉन्च की। उन्हें हॉलीवुड फिल्मों के ऑफर्स भी मिले। सोशल इश्यूज पर आवाज उठाती हैं और अंडरप्रिविलेज्ड कम्युनिटी के लिए काम करती हैं।
