रिकॉर्ड नहीं, राहत चाहिए.... यूपी के गांव-शहर में ट्रिपिंग-लो-वोल्टेज से जनता बेहाल, उपभोक्ता परिषद का सवाल

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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-रिकॉर्ड नहीं, राहत चाहिए यूपी में बिजली आपूर्ति के दावों पर उपभोक्ता परिषद का सवाल, जब जनता ताली बजाए तब मानें उपलब्धि दावे की वास्तविकता पर खड़े किए सवाल

लखनऊ, अमृत विचार: प्रदेश में रिकॉर्ड बिजली आपूर्ति के दावों के बीच उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने सरकार और ऊर्जा विभाग पर सवाल खड़े किए हैं। परिषद ने कहा कि बीती रात प्रदेश में 31,804 मेगावाट की पीक बिजली आपूर्ति का रिकॉर्ड बनाया गया, जिसे प्रदेश और देश के इतिहास की सबसे बड़ी बिजली आपूर्ति बताया जा रहा है। 

उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष और सेंट्रल एडवाइजरी कमेटी के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि प्रदेश में लगभग 3 करोड़ 73 लाख बिजली उपभोक्ता हैं और कुल विद्युत भार करीब 8 करोड़ 57 लाख किलोवाट तक पहुंच चुका है। उनका कहना है कि यदि पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराई जाए तो प्रदेश की वास्तविक मांग 35,000 मेगावाट से भी अधिक हो सकती है। 

उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में जितनी बिजली पावर कारपोरेशन के पास उपलब्ध होती है, उतनी ही मांग दर्शा दी जाती है और उसी को रिकॉर्ड के रूप में प्रचारित किया जाता है। उन्होंने तंज कसते हुए आगे कहा कि उत्तर प्रदेश में गजब का रॉकेट साइंस इस्तेमाल हो रहा है, जितनी बिजली उपलब्ध होती है उतना ही रिकॉर्ड बन जाता है। कल दक्षिण भारत में मौसम बदला, बारिश हुई, पावर एक्सचेंज पर बिजली उपलब्ध हुई और रिकॉर्ड बन गया। 

परिषद अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश के शहरों से लेकर गांवों तक लोग अघोषित कटौती, लो-वोल्टेज, ट्रिपिंग और घंटों बिजली बाधित रहने की समस्या से परेशान हैं। परिषद अध्यक्ष ने सरकार और ऊर्जा विभाग से केवल आंकड़ों की राजनीति छोड़कर उपभोक्ताओं को भरोसेमंद और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने पर ध्यान देने की मांग की।

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