Bakra Eid 2026 : लखनऊ के ऐशबाग ईदगाह में अदा हुई बकरीद की नमाज, मंत्री दनिश अंसारी बोले- त्याग और बलिदान का प्रतीक हैं ईद-उल-अजहा
लखनऊ। ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का त्योहार राजधानी लखनऊ में पूरे अकीदत, भाईचारे और खुशी के माहौल में मनाया जा रहा है। राजधानी में सुबह से ही ईदगाहों और मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ जुटने लगी। सुबह 9 बजे टीले वाली मस्जिद पर ईद-उल-अजहा की नमाज शांतिपूर्वक अदा की गई। हजारों नमाजियों ने बकरीद की नमाज पढ़कर देश में अमन-चैन, खुशहाली और तरक्की की दुआ मांगी।
वहीं 10 बजे ऐशबाग स्थित ईदगाह में बकरीद की सबसे बड़ी नमाज अदा की गई, जहां 30 हजार से अधिक नमाजी शामिल हुए। इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने नमाज कराई और देश की खुशहाली व तरक्की की दुआ मांगी। गर्मी से राहत दिलाने के लिए कई सेवादारों ने बड़े-बड़े पंखे चलाए। नमाज के बाद नमाजियों ने एक-दूसरे से गले मिलकर बकरीद की मुबारकबाद दी।
बच्चों और युवाओं में त्योहार को लेकर खास उत्साह दिखा। छोटे बच्चे सुंदर पोशाकों में नमाज अदा करते नजर आए।पुलिस और प्रशासन की ओर से बकरीद को लेकर पूरे जिले में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। संवेदनशील इलाकों, प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। लगातार निगरानी के कारण पूरे लखनऊ में शांति और सौहार्द का माहौल बना रहा।

मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी का बयान
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी ने कहा, “आज ईद-उल-अज़हा का त्योहार मनाया जा रहा है। यह त्योहार त्याग और बलिदान का प्रतीक है। हर मस्जिद से देश के अमन-चैन, भाईचारे और तरक्की की दुआ मांगी गई। सरकार ने कई दिशानिर्देश जारी किए हैं और इनका पूर्ण पालन किया जा रहा है।”
पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था
DCP पश्चिम कमलेश दीक्षित ने मौके पर जानकारी देते हुए कहा, “हम यहां ऐशबाग ईदगाह पर मौजूद हैं। सुरक्षा के पूरे प्रबंध किए गए हैं ताकि शांतिपूर्ण माहौल में नमाज संपन्न हो सके। कुर्बानी स्थलों पर भी पुलिस बल तैनात है। लोगों से अपील है कि कुर्बानी ऐसी जगह न करें जिससे आमजन को परेशानी हो। खुले स्थानों पर कुर्बानी न करें। हर जगह हमारी व्यवस्थाएं हैं। CCTV और ड्रोन के माध्यम से पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है।”
नमाज के बाद लोग एक-दूसरे को “ईद मुबारक” कहकर गले मिले। कुर्बानी का सिलसिला शुरू हो गया है। शहर के अन्य प्रमुख स्थानों जैसे टीले वाली मस्जिद और आसिफी मस्जिद में भी नमाज अदा की गई, लेकिन ऐशबाग ईदगाह सबसे बड़ी जमात का केंद्र रहा।
