Pilibhit News : दिनदहाड़े व्यापारी की हत्या के मामले में व्यापारी नेताओं का अल्टीमेटम, पूर्व मंत्री भी पहुंचे बिलसंडा, पुलिस ने उठाए संदिग्ध
पीलीभीत, अमृत विचार। कस्बा बिलसंडा में थाने से महज एक किमी से भी कम दूरी पर सरेशाम कपड़ा व्यापारी/चेयरमैन के मामा पप्पू गुप्ता की गोली मारकर हत्या करने की घटना के बाद व्यापारियों में सुरक्षा बंदोबस्त में बरती जा रही लापरवाही पर खासा रोष है। गुरुवार शाम करीब पांच बजे हुई घटना के बाद थाना स्तर पर पुलिस की लापरवाही भी सामने आ रही है। वहीं, एसपी सुकीर्ति माधव की ओर से गठित की गई पांच टीमें खुलासे के लिए संदिग्धों की धरपकड़ में जुटी हैं।
इधर, सरेशाम हुई घटना के बाद मामला तूल पकड़ चुका है। व्यापारी संगठनों ने पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। दूसरे दिन शुक्रवार को सुबह से ही अधिकांश दुकानें बंद दिखी। एक संगठन से जुड़े व्यापारियों ने धरना प्रदर्शन भी शुरू कर दिया था। हालांकि पुलिस प्रशासनिक टीम ने पहुंचकर जल्द खुलासे का आश्वासन देकर शांत कराया। व्यापारियों और पुलिस प्रशासन के बीच वार्ता चलती रही। बिलसंडा पुलिस की लापरवाही बताते हुए कुछ फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। जिसमें ये भी कहा जा रहा है कि घटना के वक्त जिम्मेदार थे ही नहीं। हालांकि इसे लेकर अभी कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं की जा रही है। स्थानीय व्यापारियों में भी इसे लेकर नाराजगी है। फिलहाल पुलिस की टीमें खुलासे तक पहुंचने के लिए जुटी है। व्यापारी भी 24 घंटे में खुलासा न होने पर आंदोलन की रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं। वहीं, बीसलपुर के भाजपा विधायक विवेक वर्मा के पिता पूर्व मंत्री रामसरन वर्मा शुक्रवार सुबह बिलसंडा पहुंचे और मृतक के पुत्र श्यामू गुप्ता व अन्य परिजनों से घटना की जानकारी करते हुए सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए ढांढस भी बंधाया।

व्यापारी नेता बोले: कानून व्यवस्था की पोल खोलता है बिलसंडा में हुआ हत्याकांड
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष शैली अग्रवाल और उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष एमए जिलानी ने बिलसंडा में हुए हत्याकांड को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि दिनदहाड़े व्यापारी की हत्या होना बिलसंडा क्षेत्र की कानून व्यवस्था की पोल खोलता है। व्यापारी समाज खुद को पूरी तरह असुरक्षित महसूस कर रहा है। अपराधियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई हो। पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई जाए और उचित आर्थिक सहायता की घोषणा हो। बाजार में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए। व्यापारियों को शस्त्र लाइसेंस लाइसेंस दिए जाएं। जल्द अपराधियों की गिरफ्तारी और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो व्यापार मंडल पूरे जिले में उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा
