अंतरराष्ट्रीय साइकिल दिवस पर विशेष: साइकिल चलाना मस्तिष्क को स्वस्थ रखने का एक सुलभ साधन
रामपुर, अमृत विचार। साइकिल चलाना अपने आप में ही एक संपूर्ण व्यायाम है जो कि व्यक्ति को सभी प्रकार की बीमारियों से दूर रखने में सहायक होता है। रामपुर में कई बुद्धिजीवी लोग संपन्न होने के बावजूद साइकिल का इस्तेमाल अच्छी सेहत के लिए कर कर रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार साइकिल चलाने से शरीर का इम्यून सिस्टम भी बेहतर होता है।
साइकिल एक तरह का संपूर्ण व्यायाम है। साइकिल चलाने वाले को अन्य व्यायाम की जरूरत कम ही पड़ती है। एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में पाया गया है कि साइकिलिंग मस्तिष्क स्वास्थ्य, मनोदशा और सामाजिक संबंधों को बेहतर बनाने समेत समग्र कल्याण में सुधार के लिए सुलभ उपकरण हो सकता है। शोधकर्ताओं ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियों और कम शारीरिक गतिविधि के स्तर को बढ़ाने के लिए कम लागत वाले प्रभावी तरीकों की पहचान करना महत्वपूर्ण है। परिणाम बताते हैं कि साइकिलिंग का सकारात्मक प्रभाव पड़ता है जिसमें बेहतर मूड, अवसाद के लक्षणों में कमी, सामाजिक संबंधों में वृद्धि आदि शामिल है।
शिक्षक चिरंजीव गुड्डू 16 साल से चला रहे साइकिल
कंपोजिट स्कूल घाटमपुर के शिक्षक चिरंजीव कुमार बताते हैं कि वह पिछले 16 वर्षों से लगातार साइकिल से विद्यालय जा रहे हैं। जिसकी प्रेरणा उन्हें पिताजी से मिली थी। जिन्होंने पूरे जीवन सिर्फ साइकिल ही चलाई। हालांकि उनके परिवार में कई स्कूटर, बाइक से लेकर कार तक है, लेकिन साइकिल के प्रति उनका प्रेम जग जाहिर है। सोशल मीडिया पर उनकी साइकिल चलाते हुए रील लोगों को प्रेरणा देती है। छुट्टियाें में वह रोज सुबह साइकिल से विद्यालय परिसर में लगे पेड़ पौधों की देखभाल व पानी लगाने आदि का कार्य निपटाते हैं।
साइकिल से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे सुनील
तहसील शाहबाद के ग्राम भवरकां निवासी किसान वीर सिंह यादव के छोटे बेटे राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी सुनील यादव साइकिल को साथी बनाकर पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और स्वस्थ जीवन शैली का संदेश देने के लिए अभियान चला रहे हैं। सुनील साइकिल का उपयोग करके ईंधन की बचत करने और कार्बन उत्सर्जन घटाने का संदेश भी दे रहे हैं। उन्होंने लखनऊ, दिल्ली, हरिद्वार से जल भरकर विभिन्न शहरों में जल संरक्षण का भी संदेश दिया है। उन्होंने जागरूकता यात्रा को साइकिल से 20 हज़ार किमी का सफर तय किया है।
एडवोकेट जाहिद सालों से चला रहे साइकिल
पिछले 5 साल से एडवोकेट जाहिद खान साइकिल चला रहे हैं। इनका साइकिल चलाने का उद्देश्य है पॉल्यूशन से बचाने का है। पर्यावरण को स्वस्थ रखा जाए इसलिए ज्यादातर काम साइकिल से करते हैं। कहीं दूर जाना होता है तो ही बाइक का इस्तेमाल कर लेते हैं। कोर्ट भी साइकिल से जाते हैं और लोगों को प्रेरित करते हैं। उनका कहना है कि साइकिल ही सेहत का खजाना है।
डॉ. नादिर मिंया साइकिल का करते हैं सफर
रामपुर के पटरों वाली मस्जिद निवासी 79 वर्षीय सय्यद नादिर मियां पेशे से डॉक्टर हैं, सालों अभ्यास के दौरान साइकिल से ही पटवाई जाते थे। करीब 25 सालों साइकिल का सफर कर रहे हैं। परिवार से संपन्न हैं। इनके बेटे पुलिस सब-इंस्पेक्टर हैं, जबकि दूसरे बेटे राजकीय आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज प्रवक्ता हैं। परिवार से संपन्न होने के बावजूद साइकिल से उनका प्रेम कम नहीं हुआ।
