Ballia News: बलिया में शराब की दुकानों के खिलाफ आंदोलन, बेदुआ मोहल्ले में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल
महिलाओं-युवाओं का एकजुट प्रदर्शन
बलिया, अमृत विचार। बेदुआ मोहल्ले में अंग्रेजी और देशी शराब की दुकानों को हटाने की मांग को लेकर स्थानीय लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। एक महीने से चले आ रहे लगातार विरोध प्रदर्शन के बाद मंगलवार से शुरू हुई अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल बुधवार को भी जोर-शोर से जारी रही।

महिलाओं-युवाओं का एकजुट प्रदर्शन
शराब की दुकानों को हटाने के लिए मोहल्ले की महिलाएं, युवा और आम नागरिक सुबह से भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। शासन-प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न होने से नाराज लोगों ने साफ कर दिया है कि लिखित आश्वासन मिलने और दुकानें हटाए जाने तक वे अपना आंदोलन नहीं छोड़ेंगे। हड़ताल पर बैठे लोगों का कहना है कि पिछले 40 सालों से इस शराबखाने के कारण पूरा मोहल्ला पीड़ित है। बेदुआ का यह शराबखाना पूरे जिले में सबसे बदनाम माना जाता है। यहां 20-25 किलोमीटर दूर से भी नशेड़ी आते हैं। नशे में धुत लोग सड़कों पर पड़े रहते हैं, जिससे महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को खतरा बना हुआ है।
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महिलाओं-बच्चों पर बढ़ते अत्याचार
शराबखाने के आसपास जुटने वाली भीड़ के कारण महिलाओं और स्कूल-कोचिंग जाने वाले बच्चों का आना-जाना मुश्किल हो गया है। अभद्र भाषा, छेड़खानी और असामाजिक तत्वों की गतिविधियां आम बात हो चुकी हैं। स्थानीय लोग इसे मोहल्ले की गरिमा और सुरक्षा पर सीधा हमला मानते हैं। पर बैठे लोगों का कहना है कि 15-20 दिन पहले पुतला दहन के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट ने दो-तीन दिनों के अंदर शराब दुकान हटाने का आश्वासन दिया था। लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस बार लोग लिखित आदेश की मांग पर अड़े हुए हैं।
मौके पर पहुंचे अधिकारी
भूख हड़ताल की खबर मिलते ही मंगलवार शाम आबकारी अधिकारी और सिटी मजिस्ट्रेट सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। आंदोलनकारियों से बातचीत हुई, लेकिन लोगों ने साफ कहा कि शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे हैं और शराब दुकानें हटाए जाने के बाद ही आंदोलन समाप्त होगा। वहीं अभी तक शासन की ओर से कोई लिखित आश्वासन या आदेश जारी नहीं किया गया है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि यह उनकी जायज मांग है और वे अंतिम सांस तक लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।
