बूंद-बूंद पानी को तरसते पहाड़ी वासी, चित्रकूट में खाली बाल्टी- डिब्बे के साथ ग्रामीणों ने किया धरना, लोग बोले, पानी दो-पानी

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Published By Anjali Singh
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चित्रकूट, अमृत विचार। पेयजलापूर्ति के जिम्मेदारों के तमाम दावे धरातल पर खोखले हैं। पहाड़ी ब्लाक मुख्यालय में भी यही हाल है। कई दिनों से पानी की किल्लत से गुस्साए पहाड़ी बुजुर्ग के ग्रामीणों के सब्र का बांध बुधवार को टूट गया। भारी संख्या में ग्रामीण प्लास्टिक के डिब्बे, बाल्टियां लेकर विकास खंड कार्यालय पहुंचे और गेट पर धरना दे दिया।

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अधिकारियों के पंद्रह दिन के अंदर जलापूर्ति दुरुस्त कराने और तब तक टैंकर से जलापूर्ति के भरोसे के बाद ग्रामीण वापस लौटे।ग्रामीणों ने बताया कि विकास खंड पहाड़ी मुख्यालय स्थित ग्राम पंचायत पहाड़ी बुजुर्ग की लगभग दस हजार की आबादी गर्मी के मौसम में एक माह से बूंद बूंद पानी को तरस रही है।  

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गुरुवार को करीब दो सौ ग्रामीण स्त्री-पुरुष और बच्चे हाथों में प्लास्टिक के डिब्बे, बाल्टी आदि लेकर चिलचिलाती धूप में विकास खंड मुख्यालय पहुंचे और पानी दो पानी दो के नारे लगाते हुए विकास खंड मुख्यालय के गेट के पास बैठ गए। ग्रामीण खंड विकास अधिकारी से मिलने की बात पर अड़े थे। जब इनको बताया गया बीडीओ जिला मुख्यालय में हैं तो ग्रामीण विकास खंड मुख्यालय के गेट पर नारेबाजी करने लगे। 

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एडीओ पंचायत भूपेंद्र द्विवेदी ने काफी देर तक समझाया लेकिन ग्रामीण जिद पर अड़े रहे। सुबह 11 बजे से अपराह्न डेढ़ बजे तक यह बवाल चलता रहा। इसके बाद पहुंचे खंड विकास अधिकारी संजय पांडेय ने भी ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की लेकिन तब तक ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ चुका था।

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एसडीएम फूलचंद्र यादव ने मौके पर पहुंचकर तत्काल एई शशिकांत मौर्य व जेई अमरजीत सिंह को मौके बुलाया व पंद्रह दिन के अंदर हर घर में पेयजल उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश दिए। आश्वस्त किया कि तबतक टैंकर से पेयजलापूर्ति कराई जाएगी। 

रामभरोसे है पहाड़ी की जलापूर्ति 

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ग्रामीणों का कहना था कि पहाड़ी में जल संस्थान की जलापूर्ति रामभरोसे है। यहां कर्मचारी अक्सर नदारद रहते हैं। एक प्राइवेट कर्मचारी को रखा है, जो मनमर्जी करता है। कभी पानी देता है तो कभी बिजली तो कभी गड़बड़ी का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ लेता है। लोगों के अनुसार, कई वर्षों पूर्व बनी जल संस्थान की टंकी की क्षमता कुल तीन सौ कनेक्शन की है लेकिन अब कई हजार कनेक्शन हो गए हैं, इससे सभी को जलापूर्ति नियमित रूप से नहीं मिल पाती। टंकी जर्जर होने के चलते जगह जगह से लीकेज भी है। 

जल जीवन मिशन का भी हाल बेहाल

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जल जीवन योजना के तहत पहाड़ी में टंकी का निर्माण दो वर्ष से चल रहा है। समय पूरा हो चुका है और घर घर कनेक्शन भी कर दिया गया लेकिन घरों में पानी नहीं पहुंचा गांव के लोग मजबूरी में दो किलोमीटर दूर स्थित हैंडपंप से पानी लाने को मजबूर हैं। बताया कि कई बार शिकायत के बाद सिर्फ मिला तो आश्वासन लेकिन पानी नहीं। 

ग्रामीणों ने लगाए लापरवाही के आरोप

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ग्राम प्रधान पहाड़ी रामनरेश वर्मा, जंग बहादुर सिंह, विजय बहादुर सिंह, अजय सिंह, उदयवीर सिंह, उदयभान सिंह, अवधेश सिंह, शिव सिंह, शिवम, रजनीश, सतीश, राकेश आदि ने बताया कि अभी कई जगहों पर नमामि गंगे योजना के तहत पाइप लाइन ही नहीं डाली गई है और न ही लोगों को कनेक्शन दिया गया है। एक‌ साल से सड़क भी खोदकर छोड़ दी है।

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