UP News: अकादमी सम्मान समारोह में ब्रजेश पाठक ने पढ़ा राज्‍यपाल का संदेश, कहा- कला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि...

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Published By Deepak Mishra
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राज्‍यपाल ने अपने संदेश में कहा कि ''आज का अवसर हमें कला के महत्व को समझने, उसे संरक्षित करने तथा आने वाली पीढ़ियों तक उसकी गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखने की प्रेरणा देता है।''

लखनऊ। उत्‍तर प्रदेश की राज्‍यपाल आनंदीबेन पटेल ने शुक्रवार को कहा कि कला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के नैतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक उत्थान का एक सशक्त साधन है। जन भवन, लखनऊ के गांधी सभागार में उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ द्वारा आयोजित अकादमी सम्मान समारोह-2026 में राज्‍यपाल ने अपना संदेश दिया। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने राज्यपाल का संदेश उपस्थित जनों के समक्ष पढ़कर सुनाया। 

राज्‍यपाल का संदेश...

राज्‍यपाल ने अपने संदेश में कहा कि ''आज का अवसर हमें कला के महत्व को समझने, उसे संरक्षित करने तथा आने वाली पीढ़ियों तक उसकी गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखने की प्रेरणा देता है।'' उन्‍होंने कहा कि ''किसी सभ्यता की आत्मा को समझना हो तो उसके लोकगीतों और लोकनाट्यों को समझना आवश्यक है, क्योंकि लोक-संस्कृति हमारी परंपराओं की वह जीवंत धारा है, जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी हमारी पहचान को प्रवाहित करती आई है।''

कलाकारों को उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने किया सम्मानित 

जन भवन से जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार यहां गांधी सभागार में उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ द्वारा आयोजित अकादमी सम्मान समारोह-2026 में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पुरस्कार प्रदान किए। बयान के अनुसार समारोह में वर्ष 2021, 2022, 2023 तथा 2024 के लिए चयनित कुल 51 विशिष्ट कलाकारों को संगीत, नृत्य, नाटक एवं लोककलाओं के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान, उत्कृष्ट सृजन, साधना तथा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन में निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका के लिए अकादमी सम्मान प्रदान कर सम्मानित किया गया। 

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समारोह में प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, लोक कलाओं एवं भारतीय कलात्मक मूल्यों के संरक्षण और संवर्धन में कलाकारों के अमूल्य योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। अपने संदेश में राज्यपाल ने उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि अकादमी वर्षों से लोक संगीत एवं लोक नाट्य परंपराओं के संरक्षण हेतु सर्वेक्षण और दस्तावेजीकरण का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। 

उन्होंने कहा, ''इसके अंतर्गत अब तक लगभग 5500 घंटे से अधिक की दुर्लभ ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग सुरक्षित की जा चुकी हैं। कथक के लखनऊ घराने की परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए दिवंगत गुरु लच्छू महाराज के मार्गदर्शन में कथक केंद्र की स्थापना की गई तथा अकादमी निरंतर नाट्य समारोहों का आयोजन कर रही है।'' 

उपमुख्यमंत्री पाठक ने सभी सम्मानित कलाकारों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत केवल भूमि का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, ज्ञान, आध्यात्मिकता और मानवीय मूल्यों का वह केंद्र है जिसने सदियों से विश्व को दिशा देने का कार्य किया है। 

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