द राइज ऑफ श्रेयस अय्यर: आलोचनाओं को शांत कर बने भारतीय टी20 टीम के नए 'बॉस', जानें गंभीर और पोंटिंग क्यों हैं मुरीद
बेंगलुरु: भारतीय टी20 क्रिकेट टीम में सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर को कमान सौंपना महज एक सामान्य नेतृत्व परिवर्तन नहीं है, बल्कि यह विपरीत परिस्थितियों को अपनी जिद से मोड़ने वाले एक खिलाड़ी की महावापसी का शंखनाद है। दिसंबर 2023 से जून 2026 के बीच श्रेयस अय्यर ने अपने करियर में जितने उतार-चढ़ाव देखे हैं, वह किसी सिनेमाई कहानी से कम नहीं है। लगभग 30 महीने तक इस छोटे प्रारूप से दूर रहने के बाद सीधे देश का कप्तान बनकर लौटना भारतीय क्रिकेट के इतिहास की सबसे विस्मयकारी घटनाओं में से एक है।
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अनुबंध खोने की कड़वाहट से पोंटिंग की तारीफ तक
साल 2024 की शुरुआत अय्यर के लिए किसी बुरे सपने जैसी थी। घरेलू क्रिकेट न खेलने के कारण बीसीसीआई ने उनका केंद्रीय अनुबंध (Central Contract) रद्द कर दिया था। इसके बाद वे दो टी20 विश्व कप और एशिया कप की टीम से भी बाहर रहे। लेकिन 31 वर्षीय इस बल्लेबाज ने सोशल मीडिया पर भड़ास निकालने के बजाय खामोशी से अपनी चोट और तकनीक पर काम किया।
उनकी इस मेहनत को सबसे पहले पंख तब मिले जब उन्होंने गौतम गंभीर की मेंटरशिप में केकेआर को आईपीएल चैंपियन बनाया। इसके बाद पंजाब किंग्स के लिए खेलते हुए आईपीएल 2025 और 2026 में उन्होंने 50 से अधिक की औसत से क्रमश: 604 और 498 रन कूटकर आलोचकों का मुंह बंद कर दिया। दिग्गज रिकी पोंटिंग ने भी माना कि अय्यर इस समय अपने करियर के सबसे परिपक्व दौर में हैं।
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तकनीक में सुधार ने संजू-ईशान पर दिलाई बढ़त
अय्यर हमेशा से स्पिनरों के खिलाफ बेहतरीन थे, लेकिन पिछले दो सालों में उन्होंने तेज गेंदबाजों के खिलाफ अपनी कमजोरी को ताकत में बदल लिया। उनके तरकश में जुड़ा प्रभावी 'पुल शॉट' इसका प्रमाण है।
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यही निरंतरता उन्हें संजू सैमसन (अस्थिर प्रदर्शन) और ईशान किशन या तिलक वर्मा (नेतृत्व के अनुभव की कमी) जैसे दावेदारों की रेस में सबसे आगे ले गई। मुख्य कोच गौतम गंभीर और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने उनकी इसी मानसिक दृढ़ता पर भरोसा जताया है।
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कांटों भरा ताज और रोहित-सूर्या की विरासत
भारतीय टीम का नेतृत्व करना किसी आईपीएल फ्रेंचाइजी को संभालने से कहीं अधिक दबाव वाला काम है। श्रेयस के सामने चुनौती बड़ी है क्योंकि उनसे ठीक पहले रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव भारत को टी20 का विश्व विजेता बना चुके हैं। ऐसे में प्रशंसकों की उम्मीदें आसमान पर होंगी।
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राहत की बात यह है कि आगामी आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के बाद निकट भविष्य में कोई बड़ा टी20 टूर्नामेंट नहीं है, क्योंकि पूरा ध्यान अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप पर होगा। इससे अय्यर को 2028 के टी20 विश्व कप के लिए अपनी मनपसंद टीम तैयार करने का पर्याप्त समय मिलेगा। हार-जीत से बेपरवाह रहकर वर्तमान में जीने वाले अय्यर का शांत स्वभाव इस नए युग में टीम इंडिया को किस ऊंचाई पर ले जाता है, यह देखना दिलचस्प होगा।
