UP News: बेलरायां CLF घोटाले में BDO ने भी की उच्चस्तरीय जांच संस्तुति

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Published By Monis Khan
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लखीमपुर खीरी/निघासन। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत निघासन विकासखंड के बेलरायां क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) में करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं और गबन के आरोपों ने नया मोड़ ले लिया है। मामले में लगातार उठ रहे सवालों और अमृत विचार में प्रकाशित खबरों के बाद अब निघासन के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) ने भी बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियों की आशंका जताते हुए पूरे बेलरायां क्लस्टर तथा उससे जुड़े समूहों की उच्चस्तरीय जांच की संस्तुति कर दी है।

बीडीओ की इस पहल के बाद सीएलएफ से जुड़े पदाधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। क्षेत्रीय लोगों और समूह सदस्यों ने इसे महत्वपूर्ण कदम बताया है। उनका कहना है कि अगर निष्पक्ष जांच हुई तो लंबे समय से दबे कई वित्तीय राज सामने आ सकते हैं। ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सीएलएफ की अध्यक्ष सुनीता देवी, कोषाध्यक्ष लक्ष्मी श्रीवास्तव तथा सचिव सुकेता तिवारी सहित हरद्वाही, सिंगहा खुर्द, उमरा, लालापुर और सूरतनगर सहित कई ग्राम संगठनों की प्रमुख पदाधिकारियों की वर्ष 2023 के बाद अर्जित की गई लाखों रुपयों की  संपत्तियों की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कराए जाने की मांग उठाई है। 

इस संबंध में एक शिकायत पत्र दो दिन पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी भेजा जा चुका है, जिसमें कथित वित्तीय अनियमितताओं, सरकारी धन के दुरुपयोग और संदिग्ध संपत्ति की जांच की मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि एनआरएलएम जैसी महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, लेकिन यदि योजना की धनराशि में हेराफेरी हुई है तो यह सीधे तौर पर गरीब महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों के हितों पर चोट है।
 
बंगला, प्लाट, लग्जरी कारों पर खर्च की रकम
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने गरीब महिलाओं की आजीविका के लिए यह योजना शुरू की थी, लेकिन सीएलएफ के पदाधिकारियों ने वास्तविक महिलाओं को धन देने और स्वरोजगार उपलब्ध कराने के बजाय हेरफेर कर 110 में सिर्फ 23 समूहों को 28 लाख रुपये लेकर 35 लाख रुपये तक ट्रांसफर कर दिए। कुल 4 करोड़ रुपये भेजे गए। जिन समूहो ने डिमांड की। उन्हें एक भी रुपया नहीं दिया गया।  इन 23 में से कई समूह ऐसे हैं, जिनकी वीओ और पदाधिकारी सेल्फ की ही पदाधिकारी हैं। समूह की महिलाओं का कहना है कि समूह में धन भेजने के बदले उनसे एक प्रतिशत कमीशन लिया गया। हेराफेरी और कमीशन से अपनी निजी लग्जरी कार, प्लाट, कृषि योग्य भूमि, मकान आदि पर खर्च किए। 

दीपक और भारत संगठन को फिर दिए डेढ़-डेढ़ लाख 
लखीमपुर खीरी। बेलरायां स्थित दीपक ग्राम संगठन में अप्रैल 2026 में 28 लाख 57 हजार 299 रुपये थे। यह संगठन सीएलएफ की एक पदाधिकारी का है, जिसमें मई महीने में करीब डेढ़ लाख रुपये और भेजा गया है। इसी तरह भारत ग्राम संगठन में 16 लाख 57 हजार 200 रुपये थे। इस संगठन में भी मई महीने में करीब डेढ़ लाख रुपये भेजे गए हैं। एनआरएलएम के अधिकारियों के मुताबिक इतनी अधिक राशि बिजनेश प्लान पर ही दी जाती है, लेकिन धरातल पर कोई बिजनेश नहीं नजर आ रहा है। कुछ महिलाओं ने 10-10 लाख रुपये लिए और उसका निजी खर्चे में उपयोग कर लिया। सूत्र बताते हैं कि अभी तक उसका एक रुपया भी वापस नहीं किया है। बीडीओ निघासन जयेश कुमार सिंह ने बताया कि बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं हैं। चूंकि यह विभाग अलग है, इसलिए मामले की जिले के उच्चाधिकारियों से जांच कराए जाने की सिफारिश की गई है।

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