केंद्रीय मंत्री प्रधान के इस्तीफे तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा : CJP संस्थापक का दावा- अब पूरे देश में फैलेगा यह प्रोटेस्ट
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने रविवार को कहा कि परीक्षाओं और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते।
छत्रपति संभाजीनगर। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने रविवार को कहा कि परीक्षाओं और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते। दीपके ने यह भी कहा कि शनिवार को नयी दिल्ली के जंतर-मंतर पर उनका विरोध प्रदर्शन काफी हद तक सफल रहा और इसमें लगभग 7,000 लोगों ने भाग लिया।
उन्होंने कहा कि अब यह आंदोलन पूरे देश में फैलेगा। सीजेपी युवाओं के नेतृत्व वाला एक ऑनलाइन आंदोलन है जो राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट), केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई), सामान्य विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी) और कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की परीक्षाओं सहित विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही की मांग कर रहा है।
दीपके रविवार सुबह महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले के एमआईडीसी वालुज क्षेत्र स्थित अपने आवास पर पहुंचे, जहां उनके परिवार के सदस्यों ने उनका स्वागत किया। बाद में पत्रकारों से बातचीत में दीपके ने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी का यह आंदोलन तब तक नहीं रुकेगा जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते।
हमने जंतर-मंतर पर जो विरोध प्रदर्शन किया वह सफल रहा
उन्होंने कहा, ''हमने जंतर-मंतर पर जो विरोध प्रदर्शन किया वह सफल रहा और इसमें 6,000 से 7,000 लोग शामिल हुए। यह आंदोलन राष्ट्रव्यापी होगा। जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते, हम पीछे नहीं हटेंगे।'' दीपके ने कहा, ''हम इस आंदोलन को राष्ट्रव्यापी बनाने के लिए एक और कार्ययोजना तैयार करेंगे।''
इस बीच, दीपके के आवास पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वालुज जिले के एमआईडीसी थाने के एक अधिकारी ने कहा, ''हमने आज से उनके आवास पर सुरक्षा बढ़ा दी है। पहले वहां 11 सुरक्षाकर्मी तैनात थे अब इनकी संख्या बढ़कर 15 हो गई है। तैनात किए गए कर्मचारी स्थानीय थाने और नगर पुलिस मुख्यालय से हैं।''
शनिवार सुबह अमेरिका से दिल्ली पहुंचे दीपके
शनिवार सुबह अमेरिका से नयी दिल्ली पहुंचने के बाद, दीपके ने सीजेपी के बैनर तले जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन में भाग लिया और परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। शनिवार को सीजेपी के बैनर तले सैकड़ों प्रदर्शनकारी दिल्ली के जंतर-मंतर पर एकत्र हुए और परीक्षाओं तथा भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
दीपके ने प्रदर्शनकारियों को संदेश दिया कि उन्हें ''डरने'' की जरूरत नहीं है। बाद में, राष्ट्रीय राजधानी में एक प्रेस वार्ता में सीजेपी के प्रवक्ताओं ने घोषणा की कि वे एक सप्ताह तक इस बात का इंतजार करेंगे कि या तो केंद्र सरकार प्रधान को बर्खास्त करे या प्रधान खुद इस्तीफा दे दें। उन्होंने कहा कि इसके बाद वे देशव्यापी प्रदर्शन शुरू करेंगे। प्रदर्शन का आह्वान करने वाले दीपके शनिवार सुबह अमेरिका से दिल्ली पहुंचे।
हवाई अड्डे से बाहर निकलते समय उनके हाथ में बी आर आंबेडकर की आत्मकथा की एक प्रति थी। दिल्ली पुलिस से प्रदर्शन की अनुमति मिलने के बाद वह जंतर-मंतर पहुंचे, जहां सुबह से ही लोग एकत्र होने लगे थे। प्रधान के इस्तीफे की मांग वाले पोस्टर लिए प्रदर्शनकारी 'कॉकरोच' (तिलचट्टे) के मुखौटे पहने नजर आए। ये मुखौटे प्रदर्शन स्थल पर बांटे जा रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
इसके अलावा उन्होंने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से ''हिंदू-मुस्लिम'' की राजनीति बंद करने की मांग करते हुए नारेबाजी की और ''भारत माता की जय'' के नारे भी लगाए। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुए प्रदर्शन में दीपके के साथ बाद में जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल हुए। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की एनी राजा और वामपंथी छात्र एवं युवा संगठनों के कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में शामिल हुए।
