BRICS Meeting in Varanasi:G-20 के बाद अब ब्रिक्स बैठक की मेजबानी करेगा वाराणसी, दुनिया देखेगी काशी का हुनर; सजेंगी ओडीओपी और जीआई उत्पादों की प्रदर्शनियां

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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वाराणसी, अमृत विचार: जी-20 बैठकों की सफल मेजबानी के बाद विश्व की प्राचीनतम जीवंत नगरी काशी एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय आयोजन की साक्षी बनने जा रही है। 4 और 5 जून को वाराणसी में ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की दूसरी बैठक आयोजित होगी। ताज होटल में होने वाली इस बैठक में सदस्य देशों के वरिष्ठ राजनयिक, नीति-निर्माता, सांस्कृतिक विशेषज्ञ और विशिष्ट प्रतिनिधि भाग लेंगे।

ब्रिक्स समूह में भारत, ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका के साथ मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और इंडोनेशिया शामिल हैं। ऐसे में यह आयोजन काशी की कला, संस्कृति और हस्तशिल्प को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा सांस्कृतिक विरासत संरक्षण, पर्यटन विकास, स्थानीय उत्पादों के संवर्धन और रोजगार सृजन के लिए किए जा रहे प्रयासों के चलते काशी को एक बार फिर अपनी समृद्ध सांस्कृतिक पहचान दुनिया के सामने रखने का अवसर मिला है। बैठक के दौरान काशी के विश्व प्रसिद्ध जीआई टैग और ओडीओपी उत्पादों की विशेष प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इसमें बनारस ब्रोकेड एवं साड़ी, गुलाबी मीनाकारी, वुडेन लेकरवेयर एंड टॉयज, सॉफ्ट स्टोन जाली वर्क, मेटल रिपोजी क्राफ्ट और ग्लास बीड्स जैसे उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे। प्रदर्शनी के माध्यम से विदेशी प्रतिनिधियों को काशी की समृद्ध शिल्प परंपरा से रूबरू कराया जाएगा।

शिल्पकारों को मिलेगा वैश्विक मंच

जीआई विशेषज्ञ और पद्मश्री रजनीकांत ने कहा कि ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति स्थानीय कलाकारों और उद्यमियों के लिए बड़ा अवसर है। इससे निर्यात की संभावनाएं बढ़ेंगी और काशी के पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचने का नया मार्ग मिलेगा।

लोकल से ग्लोबल की ओर बढ़ेंगे हस्तशिल्प

नेशनल अवार्डी रामेश्वर सिंह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से शिल्पकारों को बड़ा मंच मिलता है। ब्रिक्स बैठक में हस्तशिल्प उत्पादों के प्रदर्शन से कारीगरों के हुनर को वैश्विक पहचान मिलेगी और नए बाजारों तक पहुंच मजबूत होगी।

बढ़ेंगी निर्यात और ऑर्डर की संभावनाएं

गुलाबी मीनाकारी शिल्प के नेशनल अवार्डी कुञ्ज बिहारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जीआई एवं ओडीओपी उत्पादों को नई पहचान दिलाई है। इस प्रदर्शनी से विदेशी मेहमान काशी की पारंपरिक कला से परिचित होंगे और निर्यात के नए अवसर पैदा होंगे।

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