मारुति सुजुकी की बड़ी पहल, भारत में पेश की पहली Flex Fuel WagonR

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Published By Anjali Singh
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भारत में वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए मारुति सुजुकी ने अपनी नई WagonR Flex Fuel को पेश किया है। यह कंपनी की पहली ऐसी कार है जो केवल पेट्रोल ही नहीं, बल्कि उच्च एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन पर भी चल सकती है। अब तक इस तकनीक को केवल कॉन्सेप्ट मॉडल के रूप में दिखाया गया था, लेकिन अब इसे उत्पादन के लिए तैयार मॉडल के रूप में सामने लाया गया है। देश की सबसे लोकप्रिय हैचबैक कारों में शामिल WagonR के जरिए कंपनी पर्यावरण-अनुकूल और किफायती मोबिलिटी की दिशा में नई शुरुआत करना चाहती है। आइए जानते हैं कि यह नई कार मौजूदा पेट्रोल मॉडल से कितनी अलग है।

क्या होती है Flex Fuel कार

फ्लेक्स फ्यूल तकनीक भविष्य की ईंधन जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित की गई है। ऐसी कारों के इंजन को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि वे पेट्रोल और एथेनॉल के विभिन्न मिश्रणों पर आसानी से चल सकें। वर्तमान में भारत में E20 फ्यूल को बढ़ावा दिया जा रहा है, लेकिन फ्लेक्स फ्यूल वाहन E85 से लेकर E100 तक के उच्च एथेनॉल मिश्रण को भी स्वीकार कर सकते हैं। चूंकि एथेनॉल के गुण पेट्रोल से अलग होते हैं, इसलिए इन वाहनों में विशेष प्रकार के फ्यूल इंजेक्टर, जंग-रोधी फ्यूल लाइनें और उन्नत इंजन प्रबंधन प्रणाली का उपयोग किया जाता है। इससे इंजन अलग-अलग ईंधन मिश्रणों के अनुसार स्वयं को बेहतर ढंग से समायोजित कर पाता है।

इंजन और फ्यूल सिस्टम में किए गए बदलाव

नई WagonR Flex Fuel में कंपनी ने 1.2-लीटर का वही पेट्रोल इंजन बरकरार रखा है, जो मौजूदा मॉडल में मिलता है। हालांकि, एथेनॉल मिश्रित ईंधन को सपोर्ट करने के लिए इसके कई हिस्सों को अपग्रेड किया गया है। कार में नए फ्यूल इंजेक्टर, बेहतर क्षमता वाला फ्यूल पंप, विशेष फ्यूल पाइप, एथेनॉल सेंसर और अपडेटेड इंजन कंट्रोल सिस्टम दिया गया है। ये सभी बदलाव सुनिश्चित करते हैं कि वाहन उच्च एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन पर भी बिना किसी परेशानी के बेहतर प्रदर्शन कर सके।

माइलेज पर पड़ सकता है असर

मौजूदा पेट्रोल WagonR कंपनी के अनुसार लगभग 24 से 25 किलोमीटर प्रति लीटर तक का माइलेज देने में सक्षम है। वहीं Flex Fuel संस्करण में माइलेज थोड़ा कम रहने की संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार एथेनॉल में पेट्रोल की तुलना में ऊर्जा घनत्व कम होता है, जिसके कारण समान दूरी तय करने के लिए अधिक ईंधन की आवश्यकता पड़ सकती है। हालांकि एथेनॉल आमतौर पर पेट्रोल से सस्ता होता है, इसलिए वाहन संचालन की कुल लागत पर इसका असर सीमित रह सकता है।

डिजाइन में कितना है बदलाव?

नई WagonR Flex Fuel को देखकर पहली नजर में इसे सामान्य पेट्रोल मॉडल से अलग पहचानना आसान नहीं होगा। कंपनी ने इसके बाहरी डिजाइन में कोई बड़ा परिवर्तन नहीं किया है। हालांकि इसे अलग पहचान देने के लिए बॉडी पर विशेष ग्राफिक्स और Flex Fuel बैज लगाए गए हैं। इसके अलावा कार का केबिन, डैशबोर्ड लेआउट और अन्य डिजाइन एलिमेंट्स पहले जैसे ही रखे गए हैं।

फीचर्स में मिलेगा वही अनुभव

तकनीक में बदलाव के बावजूद कंपनी ने फीचर्स के मामले में कोई कटौती नहीं की है। नई WagonR Flex Fuel में वही सुविधाएं मिलती हैं जो मौजूदा मॉडल में उपलब्ध हैं। कार में 7-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, Android Auto और Apple CarPlay कनेक्टिविटी, मैनुअल एयर कंडीशनिंग, छह एयरबैग, रियर पार्किंग सेंसर और ABS जैसे जरूरी सुरक्षा फीचर्स दिए गए हैं। यानी ग्राहकों को नई तकनीक के साथ परिचित फीचर पैकेज भी मिलेगा।

कीमत कितनी हो सकती है?

मारुति सुजुकी ने फिलहाल WagonR Flex Fuel की आधिकारिक कीमत की घोषणा नहीं की है। हालांकि उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि अतिरिक्त तकनीक और विशेष हार्डवेयर के कारण इसकी कीमत मौजूदा पेट्रोल मॉडल से लगभग 40,000 से 50,000 रुपये अधिक हो सकती है। वर्तमान में WagonR की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत करीब 4.99 लाख रुपये है। ऐसे में Flex Fuel संस्करण की कीमत इससे कुछ अधिक रहने की संभावना जताई जा रही है।

पर्यावरण और बचत दोनों पर फोकस

WagonR Flex Fuel केवल एक नई कार नहीं, बल्कि वैकल्पिक ईंधनों की दिशा में भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग का एक महत्वपूर्ण कदम है। एथेनॉल आधारित ईंधन के बढ़ते उपयोग से पेट्रोल पर निर्भरता कम होगी और उत्सर्जन में भी कमी आ सकती है। आने वाले समय में यह तकनीक भारतीय बाजार में अधिक लोकप्रिय हो सकती है और अन्य मॉडलों में भी देखने को मिल सकती है।