Queen Mary Hospital : क्वीन मेरी अस्पताल आए तो अपना पंखा साथ लाए... वेटिंग रूम में लोट रहे कुत्ते
लखनऊ, अमृत विचार। प्रदेश के सबसे बड़े महिला अस्पताल केजीएमयू के क्वीन मेरी अस्पताल में मरीजों को गर्मी से बचाव के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। मरीजों को घरों से पंखे और छोटे कूलर लाने पड़ रहे हैं। अस्पताल के ज्यादातर कूलर खराब हैं और पंखे धीमे चलते हैं। अस्पताल में भर्ती ठाकुरगंज की अनामिका ने बताया कि वार्ड में कूलर तो लगा है, लेकिन उसकी हवा नहीं लगती है। पंखे भी पर्याप्त नहीं हैं। गर्मी राहत पाने के लिए अपना पंखा लेकर आई हैं।
फैजुल्लागंज की पूजा ने भी कूलर खराब होने की बात की। उन्होंने आरोप लगाया कि पीआरओ ऑफिस में शिकायत की थी, इसके बावजूद कूलर ठीक नहीं कराया गया। भरावन कला की पूजा ने बताया कि हाईरिस्क प्रेग्नेंसी होने की वजह से ढ़ाई माह से भर्ती हैं। गर्मी से हालत खराब है। शिकायतों के बावजूद सुनवाई नहीं हुई तो घर से पंखा मंगाया है।
अस्पताल की वेटिंग रूम में लोट रहे कुत्ते
क्वीन अस्पताल में तीमारदारों के लिए बने रैन बसेरे में आवारा कुत्ते लेटे रहते हैं। तीमारदार जमीन पर जहां चादर बिछाकर सोते हैं, वहीं बगल में आवारा कुत्ते आकर लेट जाते हैं। इससे तीमारदारों को कुत्तों के काटने के साथ संक्रमण का डर भी रहता है।
यूनिट छह के शौचालय की अंदर से सिटकनी खराब
क्वीन मेरी अस्पताल के यूनिट छह के शौचालय की सिटकनी टूटी हुई। जिसकी वजह से यह गेट अंदर से नहीं बंद होता है। ऐसे में जब एक मरीज शौचालय जाती तो दूसरी महिला मरीज को उसकी पहरेदारी करनी पड़ रही हैं। दुबग्गा से आई मरीज विमला ने बताया कि इसकी शिकायत पीआरओ की जा चुकी है पर यह ठीक नहीं हुआ।
एक बेड पर दो मरीज का हो रहा है इलाज
क्वीनमेरी अस्पताल प्रदेश का इकलौता रेफरल अस्पताल है यही वजह कि यहां हमेशा मरीजों का दबाव रहता है। ऐसे में अस्पताल प्रशासन इस भीषण गर्मी में एक बेड पर दो दो मरीजों को भर्ती कर इलाज कर रहा जिससे इन मरीजों में सक्रमण और टांके पकने जैसी शिकायतें आ रही हैं।
