मुरादाबाद: स्मार्ट कक्षा में पढ़ेंगे सरकारी स्कूलों के बच्चे
मुरादाबाद, अमृत विचार। परिषदीय विद्यालय के छात्र-छात्राओं को नए साल में स्मार्ट क्लास रूम में पढ़ाई की सुविधा मिलेगी। सरकारी स्कूलों में निजी विद्यालयों की तर्ज पर कैंटीन, पुस्तकालय व कंप्यूटर रूम जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। 2021 में छात्रों की स्मार्ट कक्षाएं लगेंगी। जबकि शिक्षकों की कमी भी दूर की जाएगी। इसके लिए 70 करोड़ …
मुरादाबाद, अमृत विचार। परिषदीय विद्यालय के छात्र-छात्राओं को नए साल में स्मार्ट क्लास रूम में पढ़ाई की सुविधा मिलेगी। सरकारी स्कूलों में निजी विद्यालयों की तर्ज पर कैंटीन, पुस्तकालय व कंप्यूटर रूम जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। 2021 में छात्रों की स्मार्ट कक्षाएं लगेंगी। जबकि शिक्षकों की कमी भी दूर की जाएगी। इसके लिए 70 करोड़ चालीस लाख रुपये का बजटीय प्रबंध हुआ है।
विद्यालय जीर्णोद्धार व स्मार्ट क्लासेज का निर्माण वर्ष 2021 के मार्च माह तक पूरा होना है। विद्यालयों की बनावट भी निजी स्कूलों की तर्ज पर ही होगी। जिले में 1408 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें 876 प्राथमिक, 232 उच्च प्राथमिक और 300 कंपोजिट विद्यालय हैं। जिनका कायाकल्प किया जाना है। इन विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या 1,66,862 है।
परिषदीय विद्यालयों में सीमित संसाधन होने की वजह से बच्चों की प्रभावित होती आ रही है। अब स्कूल का कायाकल्प हो जाने के बाद जहां स्कूलों की सूरत बदलेगी तो वहीं सरकारी स्कूल की शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। जिसके बाद नौनिहाल निजी स्कूलों के बच्चों की तरह अपनी प्रतिभा दिखाने में सक्षम हो सकेंगे वहीं इससे उनका मनोबल भी बढ़ेगा।
पहले चरण में 24 विद्यालयों को मिलेगी सौगात
स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत स्मार्ट स्कूल के लिए पहले चरण में नगर क्षेत्र के 24 स्कूलों को चयनित किया गया है। इसके लिए गुरुवार को उन्मुखीकरण कार्यक्रम भी नगर संसाधन केंद्र आयोजित किया गया। बताया गया कि चयनित 24 स्कूलों में कुल मिलाकर 85 स्मार्ट क्लास का निर्माण कराया जाएगा, जिसमें स्मार्ट टीवी, सीसीटीवी कैमरे, बच्चों की हाजरी के लिए बायोमीट्रिक मशीन और डिजिटल सामग्री दी जाएगी। जिससे बच्चे इसे रोचक ढंग से सीख सकें।
एक विद्यालय पर खर्च होंगे 5 लाख रुपए
जिला समन्वयक निर्माण हर्षवर्धन कपिल ने बताया कि एक विद्यालय के कायाकल्प के तहत होने वाले कार्यों के साथ स्मार्ट कक्षाएं संचालित होने में पांच लाख रुपए का खर्च आना है। जिले में 1408 परिषदीय विद्यालय हैं, जिस आधार पर विद्यालय के कायाकल्प में 70 करोड़ 40 लाख रुपए का खर्च होगा।
परिषदीय स्कूलों के विकास के लिए शासन की ओर से दिशा-निर्देश आए हैं। परिषदीय विद्यालयों में मार्च माह तक स्मार्ट कक्ष बनाने का लक्ष्य है। ताकि नए सत्र से बच्चों को इसका लाभी मिल सके।-योगेंद्र कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
