ED ने टेरर फंडिंग और घुसपैठ नेटवर्क पर कसा शिकंजा, यूपी समेत कई ठिकानों पर की छापेमारी
रोहिंग्या-बांग्लादेशी घुसपैठ और फर्जी दस्तावेज मामले में मनी लॉन्ड्रिंग जांच तेज, 13 जगहों पर कार्रवाई
लखनऊ। आतंकवाद के वित्तपोषण और अवैध घुसपैठ नेटवर्क से जुड़े धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की। ईडी की लखनऊ क्षेत्रीय टीम ने उत्तर प्रदेश समेत कई स्थानों पर करीब 13 ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की गई है।
यूपी एटीएस की एफआईआर के आधार पर शुरू हुई जांच
अधिकारियों के अनुसार, ईडी ने यह मामला वर्ष 2024 में उत्तर प्रदेश आतंकवाद रोधी दस्ते (यूपी-एटीएस) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर दर्ज किया था। एटीएस की जांच में एक कथित संगठित गिरोह का खुलासा हुआ था, जो रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों को अवैध तरीके से भारत में प्रवेश कराने, उनके लिए फर्जी भारतीय पहचान पत्र तैयार कराने और देश के अलग-अलग हिस्सों में बसाने में मदद करने का आरोपित है।
विदेशी फंडिंग और संदिग्ध लेनदेन की जांच
ईडी की जांच में कथित तौर पर एक जटिल वित्तीय नेटवर्क सामने आया है। अधिकारियों का कहना है कि कुछ ट्रस्ट और संस्थाएं जांच के दायरे में हैं, जिन पर विदेशी चंदा प्राप्त करने और उसे संदिग्ध गतिविधियों में इस्तेमाल करने के आरोपों की जांच की जा रही है। जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि रकम को कई बैंक खातों, बिचौलियों और अलग-अलग लेनदेन के जरिए किस तरह ट्रांसफर किया गया।
नकद निकासी और छोटे ट्रांजेक्शन भी जांच के घेरे में
अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान संदिग्ध लाभार्थियों द्वारा नकद निकासी और कम राशि के कई ट्रांसफर की जानकारी भी सामने आई है। ईडी अब इन वित्तीय गतिविधियों से जुड़े लोगों और संस्थाओं की भूमिका की जांच कर रही है।फिलहाल छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। एजेंसी का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में और जानकारी सामने आ सकती है।
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