सरकार का बड़ा फैसला : यूपी के किसानों को मिलेगी पर्याप्त खाद, जानिये 30 दुकानदारों पर क्यों दर्ज हुई FIR
लखनऊ, अमृत विचार : उत्तर प्रदेश सरकार मौजूदा समय में धान की रोपाई और अन्य फसलों की बुवाई के बाद किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की कमी न हो, इसके लिए जरूरी कदम उठा रही है।
मंगलवार को विधान भवन में कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही की अध्यक्षता में एक उर्वरक समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में सहकारिता मंत्री, कृषि राज्य मंत्री, समस्त उर्वरक उत्पादक और प्रोवाइडर संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ-साथ संबंधित अधिकारी मौजूद रहे, इस दौरान इस बात पर बारीकी से चर्चा हुई कि केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के लिए हर महीने जितनी खाद तय की थी, उतनी खाद वास्तव में राज्य को मिली या नहीं।
समीक्षा के दौरान कृषि मंत्री ने उर्वरक उत्पादक और प्रोवाइडर संस्थाओं के उपस्थित प्रतिनिधियों को कड़े निर्देश दिए कि भारत सरकार द्वारा आवंटित मात्रा के सापेक्ष शत-प्रतिशत आपूर्ति जुलाई 2026 के अवशेष दिनों में ही कराना सुनिश्चित करें, ताकि किसानों को फसल रोपाई के समय सुगमतापूर्वक उर्वरकों की पूर्ण उपलब्धता मिल सके।
प्रदेश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं
प्रदेश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है और 20 जुलाई 2026 तक प्रदेश में कुल 15.98 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 5.02 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 4.93 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 3.63 लाख मीट्रिक टन एसएसपी एवं 1.11 लाख मीट्रिक टन एमओपी उर्वरक उपलब्ध है।
कृषि मंत्री ने कहा कि सहकारिता और निजी क्षेत्र दोनों के सेल पॉइंट्स पर पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 27232 मीट्रिक टन यूरिया, 6261 मीट्रिक टन डीएपी एवं 1851 मीट्रिक टन एनपीके की खपत किसानों द्वारा की जा रही है।
किसानों से अनुरोध किया गया है कि वे अपनी कृषि भूमि या बैनामा के अनुसार शत-प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री कराएं ताकि फसल संस्तुति के अनुसार सुगमतापूर्वक उर्वरक प्राप्त हो सके। साथ ही यह भी आग्रह किया गया है कि वर्तमान में विभिन्न उर्वरकों की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है, इसलिए अनावश्यक रूप से अग्रिम भंडारण न करें जिससे उर्वरकों की निरंतर उपलब्धता बनी रहे।
कालाबाजारी के खिलाफ सख्त एक्शन
राज्य सरकार द्वारा उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी और ओवर रेटिंग पर सख्त कार्रवाई करते हुए 1 अप्रैल 2026 से 21 जुलाई 2026 तक प्रदेश भर में कुल 7364 छापे मारे गए हैं। इस कार्रवाई के दौरान 136 लाइसेंस निलंबित और 35 निरस्त किए गए, 694 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, 19 दुकानें सील की गईं तथा 30 मामलों में प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराई गई है। इसके अतिरिक्त विभागीय टीम द्वारा 266.60 मीट्रिक टन स्टॉक भी सील अथवा जब्त किया गया है।
