विधवा पेंशन के लिए योगी सरकार ने खोला खजाना, 380 करोड़ से ज्यादा की मंजूरी; हजारों महिलाओं को मिलेगा सहारा

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Edited By Muskan Dixit
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वित्तीय वर्ष 2026-27 में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के लिए 380 करोड़ 15 लाख 74 हजार रुपये की वित्तीय व्यवस्था; सरकार का फोकस पात्र महिलाओं तक समय पर सहायता पहुंचाने पर

लखनऊ: पति के निधन के बाद आर्थिक चुनौतियों से जूझ रही निराश्रित और विधवा महिलाओं के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा वित्तीय कदम उठाया है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के संचालन के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 380 करोड़ 15 लाख 74 हजार रुपये की वित्तीय व्यवस्था की गई है। सरकार का कहना है कि इस धनराशि से योजना के संचालन को मजबूती मिलेगी और पात्र महिलाओं तक सामाजिक सुरक्षा का लाभ समयबद्ध तरीके से पहुंचाने में मदद मिलेगी।

महिला कल्याण विभाग की ओर से इस संबंध में शासनादेश जारी किया गया है। स्वीकृत राशि भारत सरकार से प्राप्त केंद्रांश (मदर सैंक्शन) के उपयोग के लिए नवीन लेखाशीर्षक के तहत उपलब्ध कराई गई है।

पति के जाने के बाद आर्थिक सहारे की उम्मीद

पति की मृत्यु के बाद परिवार की जिम्मेदारियां अकेले संभाल रहीं महिलाओं के लिए नियमित पेंशन केवल सरकारी सहायता नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने का एक महत्वपूर्ण सहारा होती है। सरकार की ओर से जारी यह वित्तीय व्यवस्था इसी सामाजिक सुरक्षा योजना को सुचारु बनाए रखने के लिए की गई है।

योजना के तहत पात्र निराश्रित एवं विधवा महिलाओं को पेंशन संबंधी लाभ उपलब्ध कराया जाता है। सरकार का जोर इस बात पर है कि पात्र लाभार्थियों तक सहायता निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय पर पहुंचती रहे।

380 करोड़ से अधिक की राशि का ऐसे होगा इस्तेमाल

शासनादेश के अनुसार, केंद्र सरकार से प्राप्त मदर सैंक्शन की धनराशि का इस्तेमाल चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में योजना के अंतर्गत किया जाएगा। इसका उद्देश्य पेंशन से जुड़े खर्चों को सुचारु बनाए रखना और सामाजिक सुरक्षा योजना के संचालन को मजबूती देना है।

स्वीकृत राशि का आहरण और व्यय आवश्यकता के अनुसार तथा निर्धारित वित्तीय नियमों के तहत किया जाएगा।

'कोई पात्र महिला लाभ से वंचित न रहे'

अपर मुख्य सचिव महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग लीना जौहरी ने कहा कि निराश्रित और विधवा महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने कहा कि स्वीकृत धनराशि से योजना के संचालन और पात्र लाभार्थियों तक पेंशन पहुंचाने की व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। प्रयास रहेगा कि कोई पात्र महिला इस लाभ से वंचित न रहे और उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत समयबद्ध सहायता मिले।

सुरक्षा से आत्मनिर्भरता तक सरकार का फोकस

महिला सुरक्षा, सम्मान, सशक्तीकरण और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए सरकार मिशन शक्ति समेत विभिन्न योजनाओं के जरिए काम कर रही है।

विधवा पेंशन के लिए की गई वित्तीय व्यवस्था को भी इसी सामाजिक सुरक्षा तंत्र का हिस्सा माना जा रहा है। सरकार का जोर धनराशि के निर्धारित मद में इस्तेमाल, वित्तीय नियमों के पालन और पात्र महिलाओं तक पेंशन का लाभ समय पर पहुंचाने पर है।

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