Krishna Janmashtami 2026 : कान्हा के जन्मोत्सव में डूबा देश, मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़; PM मोदी ने दी शुभकामनाएं
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर देशभर में भक्तिमय माहौल है। मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। PM मोदी ने शुभकामनाएं दीं, जबकि वाराणसी, पटना, मुंबई और कपूरथला में विशेष आयोजन हुए।
डिजिटल डेस्क, अमृत विचार। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर शुक्रवार को देशभर में भक्तिमय माहौल है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। जगह-जगह पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और शोभायात्राओं का आयोजन किया जा रहा है। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
PM मोदी ने दी जन्माष्टमी की शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य संदेशों में नि:स्वार्थ कर्म की अद्भुत प्रेरणा निहित है, जो मानवता का निरंतर मार्गदर्शन करती रही है। प्रधानमंत्री ने कामना की कि जन्माष्टमी का यह पावन अवसर सभी के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शक्ति का संचार करे। इस मौके पर उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित संस्कृत श्लोक 'वसुदेवसुतं देवं...' भी साझा किया।
धर्मेंद्र प्रधान ने किए जगन्नाथ मंदिर में दर्शन
भाजपा सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने जन्माष्टमी के अवसर पर पुरी स्थित महाप्रभु श्री जगन्नाथ मंदिर में दर्शन किए। उन्होंने कहा कि पावन अवसर पर महाप्रभु के दर्शन का सौभाग्य मिला। उन्होंने भगवान जगन्नाथ और श्रीकृष्ण से देशवासियों, दुनिया और ओडिशा के कल्याण की प्रार्थना की। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सनातन के जीवंत प्रभाव से ही देश का विकास होगा। उन्होंने आध्यात्मिकता से जुड़ने को लोगों के आत्मविकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
वाराणसी से मुंबई तक जन्माष्टमी की धूम
जन्माष्टमी को लेकर वाराणसी, पटना, मुंबई और पंजाब के कपूरथला समेत देश के कई हिस्सों में विशेष तैयारियां की गई हैं। वाराणसी के इस्कॉन मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है।
कपूरथला में श्री सत्यनारायण मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। वहीं, पटना और मुंबई के इस्कॉन मंदिरों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण की आराधना कर रहे हैं।
मध्यरात्रि में हुआ था भगवान श्रीकृष्ण का जन्म
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मध्यरात्रि में भगवान विष्णु ने श्रीकृष्ण के रूप में देवकी और वसुदेव के यहां जन्म लिया था। इसी मान्यता के चलते हर वर्ष जन्माष्टमी का पर्व पूरे देश में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है।
जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना के साथ भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की झांकियां सजाई जाती हैं। मध्यरात्रि में कान्हा के जन्म के साथ विशेष आरती और पूजा का आयोजन होता है। श्रद्धालु व्रत रखकर भगवान श्रीकृष्ण से सुख, समृद्धि और परिवार के कल्याण की कामना करते हैं।
