मीरजापुर: कड़कड़ाती ठंड में खुले आसमान के नीचे किया जा रहा मरीजों का इलाज, लोगों में आक्रोश

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मीरजापुर। एक तरफ शासन मरीजों के उपचार हेतु तमाम सुविधाएं मुहैया कराने के लिए दिन रात तत्पर है। वहीं दूसरी ओर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हलिया में भीषण ठंड के बावजूद मरीजों तथा दुर्घटना में घायल लोगों तथा गंभीर रोगियों का उपचार अस्पताल परिसर में बने चबूतरे पर खुले आसमान के नीचे किया जा रहा है। …

मीरजापुर। एक तरफ शासन मरीजों के उपचार हेतु तमाम सुविधाएं मुहैया कराने के लिए दिन रात तत्पर है। वहीं दूसरी ओर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हलिया में भीषण ठंड के बावजूद मरीजों तथा दुर्घटना में घायल लोगों तथा गंभीर रोगियों का उपचार अस्पताल परिसर में बने चबूतरे पर खुले आसमान के नीचे किया जा रहा है। इस बात से क्षेत्रीय लोगों तथा साथ में जाने वाले तीमारदारों में चिकित्सकों तथा स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा बरती जा रही इस लापरवाही से आक्रोश व्याप्त है।

शनिवार को थाना क्षेत्र के हरसड़ गांव निवासी शिवशंकर कोल की पत्नी रंजना कोल 28 ने पारिवारिक कलह के चलते विषाक्त पदार्थ खा लिया था। घटना की जानकारी होने पर आनन-फानन में उपचार हेतु परिजन उसे सुबह दस बजे के करीब प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हलिया लेकर गए। जहां स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा महिला का अचेतावस्था में भीषण ठंड में खुले आसमान के नीचे परिसर में पेड़ के नीचे बनाए गए चबूतरे पर ही इलाज शुरू कर दिया गया।

चिकित्सकों द्वारा महिला का उपचार करीब दो घंटे तक चबूतरे पर किए जाने के बाद अस्पताल में मौजूद क्षेत्रीय लोगों तथा साथ में गए तीमारदारों द्वारा चबूतरे पर इलाज को लेकर आपत्ति जताई गई तो स्वास्थ्य कर्मियों ने महिला को दो घंटे बाद वार्ड में भर्ती किया, जहां महिला का उपचार किया जा रहा है।

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हलिया में आए दिन भीषण सर्दी में मरीजों का उपचार बाहर बने चबूतरे पर किए जाने से तीमारदारों समेत क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है। स्वास्थ्य केन्द्र में आए दिन जिम्मेदारों द्वारा बरती जा रही इस लापरवाही से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने लापरवाही बरतने वाले संबंधित चिकित्सकों तथा स्वास्थ्य कर्मियों के विरूद्ध कार्रवाई की मांग जिलाधिकारी से की है तथा भीषण ठंड को देखते हुए मरीजों का उपचार वार्ड में किए जाने की मांग की है।

इस संबंध में प्रभारी चिकित्साधिकारी अभिषेक जायसवाल ने बताया कि विषाक्त पदार्थ का सेवन करने वाली महिला को उल्टी करवाने के लिए बाहर चबूतरे पर इलाज किया जा रहा था। हालत में सुधार होने पर महिला को वार्ड में भर्ती करा दिया गया है। जहां उसका उपचार किया जा रहा है।

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