बरेली: अतिक्रमण हटाने के दौरान मेयर और अधिकारियों से भिड़े व्यापारी
अमृत विचार, बरेली। शहर के कुतुबखाना रोड पर अतिक्रमण हटाने के लिए शनिवार को नगर निगम की टीम पहुंची। जहां पर व्यापारियों ने सामान जब्त करने को लेकर हंगामा खड़ा कर दिया और सड़क जाम विरोध प्रदर्शन करने लगे। इसी जानकारी मिलते ही मेयर डा. उमेश गौतम भी दलबल के साथ मौके पर अतिक्रमण हटवाने …
अमृत विचार, बरेली। शहर के कुतुबखाना रोड पर अतिक्रमण हटाने के लिए शनिवार को नगर निगम की टीम पहुंची। जहां पर व्यापारियों ने सामान जब्त करने को लेकर हंगामा खड़ा कर दिया और सड़क जाम विरोध प्रदर्शन करने लगे। इसी जानकारी मिलते ही मेयर डा. उमेश गौतम भी दलबल के साथ मौके पर अतिक्रमण हटवाने के लिए पहुंच गए।
विरोध प्रदर्शन के कारण उनका वाहन जाम में फंस गया और खुद उतरे गुस्से में आ गए। उन्होंने अतिक्रमण करने वालों के सामनों को जब्त करने को कहा। इस बात पर अतिक्रमण हटाने वाली सामनों को जब्त करने लगी तो गुस्साएं व्यापारियों ने मेयर, अधिकारी और टीम के साथ नोकझोंक करते धक्का- मुक्की करनी शुरू कर दी।
फुटपाथ के कारोबारियों ने सभी का घेराव कर मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। व्यापारियों का गुस्सा देखका प्रवर्तन दल और पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया और लाठी फटकार खदेड़ दिया।
शनिवार दोपहर को नगर निगम की अतिक्रमण हटाने वाली टीम ने जिला अस्पताल रोड से अतिक्रमण हटाने की शुरुआत की। टीम के आने की सूचना पहले हो जाने के कारण अधिकांश फुटपाथ, ठेला व फड़ लगाने वालों ने अपनी दुकानों को पहले ही हटा लिया। टीम कुतुबखाना बाजार स्थित घंटाघर पहुंची, जहां पर ठेला और अस्थायी दुकानें लगाकर सामान बेचने वालों का सामान कुर्सी, मेज और बर्तन आदि जब्त कर लिया।
इसके बाद टीम वापस गोल मार्केट पहुंची, जहां पर रेडिमेड के दुकानदारों के सड़क पर रखे सामान को जब्त करना शुरू कर दिया। इस पर दुकानदारों ने निजी मार्केट होने का हवाला देते विरोध करना शुरू कर दिया और टीम के साथ धक्का- मुक्की करने लगे। विरोध के कारण टीम फिर कोतवाली रोड की ओर चली गई तो व्यवसायियों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
कुछ ही समय में मौके पर पुलिस पहुंच गई और समझा बुझाकर मामला शांत कराया। व्यापारियों का आरोप है कि नगर निगम टीम ने गलत व्यवहार किया। इसकी जानकारी होने पर मेयर खुद ही मौके पर पहुंच गये, ज्यों ही वह इंद्रा मार्केट के पास जिला अस्पताल रोड पर पहुंचे तो वहां अतिक्रमण के कारण जाम में फंस गए।
कुछ समय तक तो मेयर शांत रहे और स्कॉर्ट जाम हटाने में जुटी रही। एक दिन पहले तक फूल देकर अतिक्रमण हटाने का अनुरोध करने वाले मेयर का गुस्से में आ गए। उन्होंने गाड़ी से उतरते ही फड़ वालों का सामान जब्त करने का आदेश दे दिया। इस पर टीम ने जैसे ही सामान उठाना शुरू किया तो व्यापारियों हंगामा करते हुए नारेबाजी करना शुरू कर दिया।
इसी बीच कार्रवाई से नाराज व्यापारियों ने मेयर, अधिकारियों और अतिक्रमणकारियों के बीच धक्का मुक्की शुरू हो गई। यह देखकर प्रवर्तन दल और पुलिस ने लाठियां फटकार कर व्यापारियों को दौड़ा लिया, जिससे अफरतफरी मच गई। लोग जब्त सामान छीनकर भागने लगे।
कुछ समय के लिए अतिक्रमणकारियों और टीम में सामान को लेकर छीनाझपटी शुरू हो गई। मामला बढ़ते देखकर पुलिस ने किसी तरह मेयर, अधिकारियों को वहां से हटाया। पुलिस ने आक्रोशित व्यापारियों को समझाकर शांत कराया। इस दौरान अतिक्रमण प्रभारी ललततेश कुमार सक्सेना, प्रवर्तन दल के प्रभारी रिटायर कर्नल भोला सिंह और दस्ता प्रभारी जयपाल सिंह पटेल आदि मौजूद रहे।
वबाल की आशंका में गिरने लगे शटर
बरेली। बेकाबू अतिक्रमणकारी जब हंगामा करते हुए नोकझोंक और धक्का- मुक्की करने लगे तो भगदड़ मच गई। टीम ने हंगामा कर रहे लोगों पर लाठी फटकार कर काबू करना शुरू कर दिया। इसको लेकर कुछ समय के लिए रोड पर लोग भागने लगे। शोर सुनकर आसपास लोग भी छिपने लगे कि लाठी चार्ज हो गया और वबाल होने की संभावना है। इस पर दुकानदार शटर गिरा कर दुकानें बंद करने लगे।
नगर निगम की भूमि नहीं है। निजी भूमि पर अतिक्रमण हटाने का अधिकार नगर निगम को नहीं है। टीम ने व्यापारियों के साथ गलत व्यवहार किया है। दुकान के बाहर शोपीस के लिए लगाए गए सामान को जबरन जब्त किया जाना गलत है।
गुलशन, व्यावसायी
अतिक्रमण हटाने के नाम पर व्यापारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। पैसा लेकर नगर निगम खुद ही दुकानें लगवा रहा है, जिसके कारण जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है। लूट करने की तरह बाहर रखे सामान को जब्त किया जा रहा है।
प्रशांत गुप्ता, व्यावसायी
गोल मार्केट के सामने खाली जगह निगम की नहीं है। इस पर हम दुकान लगा सकते हैं, नगर निगम का इस भूमि से क्या लेना देना है। अतिक्रमण के नाम पर व्यापारियों का शोषण नगर निगम की टीम कर रही है। जब्त सामानों को वापस दिया जाए।
रूपेश कुमार, व्यावसायी
टीम के हटते लगा दी दुकानें
बरेली। अतिक्रमण हटाकर चंद कदम की दूरी पर टीम पहुंची थी कि दुकानें फिर से फुटपाथ पर सज गईं। इसके कारण लोगों को जाम में फंसाकर घंटों झेलना पड़ा। अब सवाल खड़ा होता है आखिर दुकानें हटने के बाद किसकी शह पर सज जा रही है। इसे निगम या पुलिस मिलीभगत है। सूत्रों की बातों पर गौर किया जाए तो सड़क पर दुकान लगाने के नाम पर बड़ा खेल किया जा रहा है। इसके नाम पर जमकर अवैध वसूली की जा रही है।
वर्जन
कुतुबखाना पुल न बने इसके लिए दुकानदारों को खुद अतिक्रमण हटा लेना चाहिए। अतिक्रमण करने के बाद टीम से गलत व्यवाहर किया जा रहा है। अगर किसी का सामना जब्त तो वह लिखित रूप से दे कि फिर सड़क पर अतिक्रमण नहीं करेगा। अगर दुकानदार अतिक्रमण करेंगे तो हम पुल का विरोध करना छोड़ देंगे। अब व्यापारियों को इस पर विचार करना होगा।
डा. उमेश गौतम, मेयर
वर्जन
आज से अतिक्रमण करने वालों पर मोटी रकम का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके लिए टीम कुतुबखाना से अयूब खां चौराहे तक अभियान जारी रखेगी। किसी भी हाल में अतिक्रमण करने की छूट किसी को नहीं दी जाएगी।
ललततेश कुमार सक्सेना, अतिक्रमण प्रभारी
