मुरादाबाद: इस बैंक में रुपये नहीं, जमा कराइये गरीबों के लिए रोटी

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मुरादाबाद, अमृत विचार। अपने मनी बैंक, ब्लड बैंक का नाम तो सुना होगा, लेकिन आज हम आपको एक ऐसे बैंक से रूबरू कराने जा रहे हैं, जहां आप मनी या ब्लड नहीं बल्कि गरीबों के लिए दो वक्त की रोटी व सब्जी जमा करा सकते हैं। जी हां शहर में इस बैंक को संचालित कर …

मुरादाबाद, अमृत विचार। अपने मनी बैंक, ब्लड बैंक का नाम तो सुना होगा, लेकिन आज हम आपको एक ऐसे बैंक से रूबरू कराने जा रहे हैं, जहां आप मनी या ब्लड नहीं बल्कि गरीबों के लिए दो वक्त की रोटी व सब्जी जमा करा सकते हैं। जी हां शहर में इस बैंक को संचालित कर रही है एकता विहार सेवा सोसायटी की सात सदस्यीय टीम। रोटी बैंक खोलने का उद्देश्य गरीब, असहाय लोगों तक दो वक्त का भोजना पहुंचाना है।

आज भी हमारे देश में न जाने कितने ही लोग भूखे पेट सोने को मजबूर हैं। ऐसे लोगों को भोजन उपलब्ध कराने का कार्य मुरादाबाद का रोटी बैंक करता है। बेसहारों को सहारा देने के मकसद से एकता विहार सेवा सोसायटी की ओर से पिछले पांच वर्षों से शहर में रोटी बैंक का संचालन किया जा रहा है। इस बैंक से जुड़े लोग रोजाना अपने घरों के साथ ही अन्य लोगों के घरों से रोटी और सब्जी लाकर बैंक में जमा करते हैं, इसके साथ ही लोग भी स्वयं रोटी सब्जी, दाल आदि लाकर रोटी बैंक पर देते हैं। जिसे सुबह-शाम को ऐसे लोगों को बांटा जाता है जो भूखे पेट सोने को मजबूर हैं। रोजाना 100 से 150 गरीब लोगों को दो वक्त की रोटी उपलब्ध कराने के लिए रोटी बैंक के सात सदस्यीय टीम शहर में सक्रिय है।

खाना बचाने की भी करते हैं अपील
एकता विहार सेवा सोसायटी की ओर से संचालित रोटी बैंक न सिर्फ गरीबों को भोजन उपलब्ध कराता है बल्कि लोगों से खाना बचाने की अपील भी करता है। संस्था की तरफ से शहर के तमाम रेस्टोरेंट, होटल, ढाबों और सार्वजनिक स्थानों पर भोजन बचाने की अपील के स्टीकर चस्पा किए गए हैं, ताकि लोग खाने को बर्बाद न करें। इसके साथ ही लोगों के माध्यम से गरीबों को राशन किट, इफ्तार किट, पढ़ाई-लिखाई, गरीब कन्याओं का विवाह, कंबल व पुराने कपड़ों का वितरण टीम की ओर से किया जाता है।

पीएम मोदी भी कर चुके हैं तारीफ
मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी रोटी बैंक की तारीफ़ कर चुके हैं। संस्था के अध्यक्ष सैयद आजम अली ने बताया कि रोटी बैंक में दान करने वालों के पास से कुछ नहीं जाता है, क्योंकि रोटी बैंक में दान करने वाला खजाना नहीं दान करता है और लेने वाले का भी सम्मान रह जाता है। हम लोग भिखारियों को खाना नहीं देते हैं बल्कि ऐसे लोगों को दिया जाता है जो दिन भर की मेहनत के बाद भी इतने रुपये नहीं कमा पाते हैं कि वो अपने परिवार के सभी सदस्यों का पेट भर सकें। हमारा रोटी बैंक ऐसे ही जरूरतमंदों की मदद करता है।

लॉकडाउन में की लोगों की मदद
कोरोनाकाल के कारण मार्च से लगे लॉकडाउन के दौरान भी रोटी बैंक की ओर से दिल खोलकर मदद की गई। टीम ने प्रतिदिन तीन से चार हजार लोगों को भोजन कराया। बाहर से आने वाले राहगिरों के साथ ही शहर में काम बंद होने के कारण दो वक्त की रोटी न जुटा पाने वालों को दिन रात टीम ने भोजना कराया।

2013 में एकता विहार सोसायटी का गठन किया गया। 2015 में स्थानीय स्तर पर जाकत फंड की शुरुआत की गई। उसके बाद से ही रोटी बैंक को संचालित कर गरीबों को दो वक्त की रोटी मुहैया कराई जा रही है। -सैयद आजम अली, अध्यक्ष, रोटी बैंक, एकता विहार सोसायटी

रोटी बैंक की ओर से प्रतिदिन 100-150 गरीबों को भोजन कराने की व्यवस्था की जाती है। इसमें सोसायटी के सदस्यों के साथ ही मदद करने के इच्छुक व्यक्ति स्वयं आकर सहयोग करते हैं।-आरिफ शरीफ, सचिव, रोटी बैंक, एकता विहार सोसायटी

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