बरेली: पर्वतों और नदियों के नाम पर रखे जाएंगे विश्वविद्यालय के छात्रावासों के नाम

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अमृत विचार, बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के छात्रावासों के नाम महापुरुषों के नाम पर नहीं बल्कि नदियों व पर्वतों के नाम पर रखे जाएंगे। कुलपति प्रोफेसर केपी सिंह ने रविवार को विश्व विद्यालय के छात्रवासों के नाम इसी आधार पर रखने का सुझाव दिया है। छात्रावासों के रखरखाव की मीटिंग के दौरान वार्डनों द्वारा नाम रखने …

अमृत विचार, बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के छात्रावासों के नाम महापुरुषों के नाम पर नहीं बल्कि नदियों व पर्वतों के नाम पर रखे जाएंगे। कुलपति प्रोफेसर केपी सिंह ने रविवार को विश्व विद्यालय के छात्रवासों के नाम इसी आधार पर रखने का सुझाव दिया है। छात्रावासों के रखरखाव की मीटिंग के दौरान वार्डनों द्वारा नाम रखने का मुद्दा उठाया गया था।

बैठक से पहले कुलपति अचानक छात्रवासों का दौरा करने पहुंच गए। उन्हें साफ सफाई, खाने समेत कई अन्य कमियां मिलीं जिन्हें उन्होंने दुरुस्त करने के ख्त निर्देश दिए। कुलपति के अचानक निरीक्षण से परिसर में खलबली मच गई और सभी वार्डन मौके पर पहुंच गए।

कुलपति सबसे पहले नवनिर्मित नानाजी देशमुख छात्रावास पहुंचे। वहां की व्यवस्थाओं को देखा एवं छात्रावास के रखरखाव के संबंध में आवश्यक निर्देश भी वार्डन को दिए। यहां सफाई व्यवस्था ठीक नहीं थी। इसके बाद उन्होंने पीजी छात्रावास जाकर वहां की व्यवस्था परखी। यहां भी उसी तरह की कमियां मिलीं। कुलपति ने कमियों को दूर कर छात्रों के लिए उपयुक्त बनाने के निर्देश सभी वार्डन को दिए।

प्रांगण में लगाएं सीसीटीवी कैमरे
छात्रावासों के निरीक्षण के बाद कुलपति ने सभी वार्डन के साथ बैठक की। उन्होंने छात्रावासों के रखरखाव, उपलब्ध फर्नीचर को बढ़ाने एवं उनकी मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रांगण में सीसीटीवी कैमरे लगवाने के निर्देश भी दिए। चीफ वार्डन डॉक्टर योगेंद्र प्रसाद द्वारा विश्वविद्यालय के दो छात्रावासों का नामकरण करने के लिए कुछ नामों का सुझाव दिया।

इस पर कुलपति ने कहा कि शिक्षण संस्थाओं को राजनीतिक बंधनों से ऊपर उठकर पुरुष छात्रावासों के नाम पर्वतों के शिखरों पर एवं महिला छात्रावासों के नाम नदियों के नाम पर रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पुरानी व्यवस्था के तहत ही छात्रावासों के नाम रखे जाएं। जैसे पुरुष छात्रावासों के नाम कंचनजंघा, एवरेस्ट और महिला छात्रावासों के नाम गंगा, कावेरी आदि रखे जाएं।

सभी छात्रावासों में कुलपति द्वारा कोविड के मद्देनजर की गई व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। जो भी कमियां दिखाई दीं उन्हें तुरंत दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। कुलपति ने कहा कि छात्रों को एक अच्छा पढ़ाई-लिखाई का माहौल मिलने के साथ-साथ रिसर्च का भी माहौल मिलना चाहिए।

कोविड नियमों के तहत संचालित कराएं कैंटीन
कुलपति ने छात्रावासों के कमरों को लगातार सेनेटाइज करने के निर्देश दिए। छात्रावासों में कोविड नियमों के तहत ही कैंटीन संचालित करने को कहा। छात्र दूर-दूर बैठकर खाना खाएं। बर्तनों का भी ध्यान रखें। छात्रवासों के फंड का सही इस्तेमाल किया जाए। छात्र अक्सर गलत खाना मिलने की शिकायत करते हैं।

इस पर समस्या का समाधान किया जाए। न कि छात्र को डराकर मामले को दबाया जाए। छात्रावासों के निरीक्षण के दौरान चीफ वार्डन प्रोफेसर योगेंद्र प्रसाद, प्रोफेसर जेएन मौर्य, प्रोफेसर विजय बहादुर सिंह यादव, डॉ. एसडी सिंह, डॉ. एके सिंह आदि उपस्थित रहे।

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