बरेली: एक घंटा करते रहे एंबुलेंस का इंतजार, लेखपाल की हो गई मौत
बरेली, अमृत विचार। पत्नी के साथ बेटी के घर जा रहे लेखपाल की अचानक रोडवेज बस स्टैंड पर तबीयत खराब हो गई। आसपास के लोगों ने अस्पताल ले जाने के लिए 108 एंबुलेंस पर कई बार फोन किया। मगर एक घंटे के इंतजार के बाद भी जब एंबुलेंस नहीं पहुंची तो महिला अपने पति को …
बरेली, अमृत विचार। पत्नी के साथ बेटी के घर जा रहे लेखपाल की अचानक रोडवेज बस स्टैंड पर तबीयत खराब हो गई। आसपास के लोगों ने अस्पताल ले जाने के लिए 108 एंबुलेंस पर कई बार फोन किया। मगर एक घंटे के इंतजार के बाद भी जब एंबुलेंस नहीं पहुंची तो महिला अपने पति को रिक्शे से लेकर जिला अस्पताल पहुंची। लेकिन डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद परिवार के लोग सरकारी सिस्टम को कोसते हुए दिखाई दिए।
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के डकोरा गांव निवासी 59 वर्षीय खेम सिंह पुत्र जयसिंह मंगलवार की दोपहर अपनी पत्नी देवकी देवी के साथ फरीदपुर थाना क्षेत्र में लाइनपार स्थित किराए के मकान में रहते थे। पत्नी देवकी देवी ने बताया कि उसके पति फरीदपुर तहसील में लेखपाल के पद पर काम करते थे। उनकी बेटी किरण पत्नी अशोक कुमार उत्तराखंड के रुद्रपुर में रहती हैं।
मंगलवार दोपहर पुराने रोडवेज पर बेटी के घर जाने के लिए बस पकड़ने पहुंचे। जहां से वे रुद्रपुर जाने वाली बस पर सवार हो गए। लेकिन बस में बैठे-बैठे उनकी हालत बिगड़ने लगी। पत्नी ने रोडवेज पर मौजूद कुछ लोगों की मदद से एंबुलेंस को मौके पर बुलाने के लिए फोन किया। जिस पर कॉल अटेंड करने वाले ने कुछ देर में रोडवेज पहुंचने की बात कही। उसके बाद करीब एक घंटे तक इंतजार करने के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची। उसके बाद पत्नी रोडवेज पर मौजूद अन्य लोगों की मदद से रिक्शे पर लेकर पति को जिला अस्पताल पहुंची। जहां इमरजेंसी में डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक दो बेटों के पिता थे। पति के की मौत के बाद महिला का रो-रोकर बुरा हाल था। वहीं घटना की जानकारी फोन करने के बाद परिवार के लोगों को दे दी गई है। वहीं, एंबुलेंस प्रभारी भगवती प्रसाद का कहना है कि कॉल अटेंड की जाती है और तुरंत एंबुलेंस को मौके पर भेजा जाता है। जिला अस्पताल में हमेशा एंबुलेंस मौजूद रहती हैं। संभव है कि लोकेशन आईडी न मिली हो तभी एंबुलेंस को नहीं भेजा गया हो।
