बरेली: बारिश में सर से हटी छत, तो भर आईं आंखें
अमृत विचार,बरेली। रेलवे की कीमती जमीन पर शाहदाना के पास ईंट पजाया चौराहा और माधोबाड़ी के पीछे लोगों ने सालों से अपना कब्जा जमा रखा था। दूसरे दिन भी रेलवे की टीम ने अधिकारियों और पुलिस फोर्स के साथ अतिक्रमण को हटाया। जिसका स्थानीय लोगों ने विरोध भी किया। लेकिन अधिकारियों ने अपना अभियान जारी …
अमृत विचार,बरेली। रेलवे की कीमती जमीन पर शाहदाना के पास ईंट पजाया चौराहा और माधोबाड़ी के पीछे लोगों ने सालों से अपना कब्जा जमा रखा था। दूसरे दिन भी रेलवे की टीम ने अधिकारियों और पुलिस फोर्स के साथ अतिक्रमण को हटाया। जिसका स्थानीय लोगों ने विरोध भी किया। लेकिन अधिकारियों ने अपना अभियान जारी रखा।
कुछ लोग निशान लगने के बाद खुद ही अपना अतिक्रमण हटाने लगे। हालंकि स्थानीय लोग रेलवे के अधिकारियों से कुछ दिन की मोहलत देने की मांग करते रहे। मगर आधिकारियों ने पहले ही नोटिस होने की बात कहकर उनकी मांग को ठुकरा दिया। भाजपा माहनगर अध्यक्ष ने भी मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने के लिए रेलवे अधिकारी और डीएम से बात करके कुछ मोहलत देने को कहा था।
नैनीताल हाईकोर्ट ने गफूर बस्ती हल्द्वानी में रेलवे की जमीन पर जमे अतिक्रमणकारियों के मामलों का निस्तारण नहीं करने के मामले को गंभीरता से लिया था। इसके लिए कोर्ट ने पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर के स्टेट अफसर विवेक कुमार सिंह व डीआरएम आशुतोष पंत को अवमानना नोटिस जारी किया था। नोटिस मिलने के बाद ही शाहदाना रेलवे लाइन पर अतिक्रमण कारियों को हटाने की कवायद भी तेज हो गई।

शाहदाना पर पटरियों से इज्ज्तनगर की दायीं ओर 85 मीटर और बायीं ओर 45 मीटर तक अतिक्रमण हटना है। 195 अतिक्रमणकारियों को चिन्हित किया गया है, जिसमें से पहले दिन केवल 24 अतिक्रमण ही ध्वस्त हुए हैं। जिसमें 11 पक्के और 13 कच्चे निर्माण शामिल हैं। इसी क्रम मे बुधवार को ईट पजाया चौराहे पर रेलवे द्वारा जमीन पर अतिक्रमण करके बनाए गए पक्के मकानों पर बुधवार को भी बुलडोजर से अतिक्रमण हटाया गया।
अतिक्रमण हटाने के दौरान लोग अधिकारियों से कुछ दिन की मोहलत मांग कर अतिक्रमण हटाने की बात कहते रहे। लेकिन उनकी एक न सुनी गई। सुरक्षा के लिहाज से आरपीएफ और जीआरपी समेत बारादरी पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। अभियान के दौरान टीम ने 20 कच्चे और, 3 पक्के निर्माण ध्वस्त किए।
भाजपा महानगर अध्यक्ष ने भी किया विरोध
अतिक्रमण हटाने के दौरान भाजपा महानगर अध्यक्ष डॉक्टर केएम अरोरा भी मौके पर पहुंच गए हैं। उन्होंने रेलवे के अधिकारियों से बात कर कर 1 सप्ताह का समय मांगा । जिसके जवाब में रेलवे के अधिकारियों ने कहा कि कोटे के आदेश के बाद ही अतिक्रमण हटाया जा रहा है। उसके बाद महानगर अध्यक्ष ने डीएम को फोन करके अतिक्रमण रुकवाने को कहा है उनका कहना है कि अगर अतिक्रमण नहीं रोका गया तो वह खुद बुलडोजर के आगे लेटकर विरोध करेंगे। हालंकि बाद में कोर्ट के आदेश पर अभियान चलने की बात जानकारी में आने के बाद महानगर अध्यक्ष वापस लौट गए।
बारिश में सिर से हटी छत तो बरस पड़ी आंखें
शाहदाना में रेलवे की ओर से रेल लाइन से हटाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान की सख्ती अभी भी जारी है। बुधवार को भी आरपीएफ, सीआईबी और रेलवे के अधिकारियों ने अतिक्रमण हटाया। बारिश के दौरान सिर से छत गायब होने पर वहां के लोगों की आंखें छलक उठीं। अतिक्रमण हटाने के कुछ देर बाद ही लोग खुले आसमान के नीचे गैस और चूल्हा रखकर खाना बनाने में लग गए।
